लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। छापेमारी में बरामद दवाओं के 27 में से 23 सैंपल फेल मिले हैं। राज्यभर में फैले इस नेटवर्क पर एफएसडीए और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के बीच पर्दाफाश हुआ है।
बीते सप्ताह जांच के लिए 27 दवाओं के सैंपल भेजे गए थे। इनमें से 23 नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं। लैब ने जांच के निष्कर्ष विभाग के साथ साझा कर दिए हैं। विस्तृत रिपोर्ट जल्द एफएसडीए को सौंप दी जाएगी। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जुलाई के दौरान करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की नकली दवाएं जब्त की जा चुकी हैं।
इन दवाओं के सैंपल हुए फेल
सैंपल फेल दवाओं में टेल्मा-40 भी शामिल है। इसका उपयोग उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी बीमारियों में किया जाता है। फ्लोजेन-एए दर्द और सूजन कम करने के लिए दी जाती है। मॉक्सीजाइड-सीवी 625 एलबी व क्लैवम 625 बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज मकी एंटीबायोटिक दवाएं हैं।
इसी तरह पैंटाप-40 पेट में एसिडिटी, गैस्ट्रिक अल्सर और एसिड रिफ्लक्स के इलाज में दी जाती है। रियोपाड-सीवी भी संक्रमण के उपचार में प्रयुक्त एंटीबायोटिक है। जीरोडोल एसपी दर्द और सूजन कम करने की दवा है। वहीं, स्पास्मो प्रॉक्सीवान कैप्सूल तेज दर्द से राहत की दवा है। अल्प्राजोलम चिंता, घबराहट और अनिद्रा की दवा है। कैल्मपिक टैबलेट मानसिक तनाव व बेचैनी की दवा है। एल-सिन टैबलेट संक्रमण के इलाज में काम आती है। काइमोरल फोर्ट ऑपरेशन या चोट के बाद सूजन कम करने के काम आती है। रासोडी के नमूने भी जांच में फेल पाए गए हैं।










