नई दिल्ली। High BP Patients में क्लोनिडीन से हाइपोनेट्रेमिया का खतरा बताया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) ने अलर्ट जारी किया है। क्लोनिडीन के उपयोग से जुड़े हाइपोनेट्रेमिया का संभावित जोखिम सामने आया है। स्वास्थ्य पेशेवरों और रोगियों को आगाह करते हुए एक नया औषधि सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।

यह अलर्ट राष्ट्रीय डेटाबेस में प्राप्त एडीआर रिपोर्टों के विश्लेषण के बाद जारी किया गया। क्लोनिडीन, एक केंद्रीय रूप से कार्य करने वाला अल्फा-2 एड्रीनर्जिक एगोनिस्ट है। इसे आमतौर पर उच्च रक्तचाप के उपचार के लिए निर्धारित किया जाता है। अब कुछ रोगियों में इस इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से जुड़ा हुआ पाया गया है।

इस चेतावनी में दर्ज मामलों की सटीक संख्या या उनकी गंभीरता का उल्लेख नहीं है। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि यह वास्तविक सुरक्षा डेटा की निरंतर निगरानी से सामने आया है। हाइपोनेट्रेमिया हल्का (लक्षणहीन) से लेकर गंभीर तक हो सकता है। अगर इसका इलाज न किया जाए तो इससे जानलेवा जटिलताएं भी हो सकती हैं। क्लोनिडीन ले रहे मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे दवा को अचानक बंद न करें। अचानक बंद करने से उच्च रक्तचाप फिर से बढ़ सकता है।