आगरा (उप्र)। नॉट फोर सेल दवाओं की कालाबाजारी का भंडाफोड़ हुआ है। छापेमारी में दयालबाग क्षेत्र से बड़ी मात्रा में सरकारी दवाएं और इंजेक्शन बरामद हुए। इन पर ‘नॉट फोर सेल’ लिखा था। आरोप है कि इन्हें बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी।

यह है मामला

एफएसडीए को सरकारी दवाओं की बिक्री की शिकायतें मिल रही थी। टीम ने राहुल विहार, दयालबाग स्थित एक मकान पर छापा मारा। औषधि निरीक्षक ने फाउंटेन क्षेत्र स्थित ब्राइट फार्मा पर दबिश दी। मकान से कई जीवनरक्षक दवाएं बरामद हुईं।

कमरे से मिलीं जीवनरक्षक दवाएं

कई दवाओं पर अंकित सरकारी पहचान को मार्कर से छिपाने का प्रयास किया गया था। टीम ने जब दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित बिल मांगे। आरोपी मनीष कुमार पंजवानी उर्फ सन्नी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। अधिकारियों के अनुसार दस्तावेजों का अभाव दवाओं के कारोबार को संदिग्ध बनाता है।

जांच के दौरान एक और गंभीर लापरवाही सामने आई। कुछ इंसुलिन और अन्य तापमान-संवेदनशील दवाएं बिना कोल्ड चेन व्यवस्था के रखी मिलीं। ऐसी स्थिति में दवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। मरीजों की सेहत को खतरा पैदा हो सकता है।

आरोपी की पत्नी रितिका पंजवानी के नाम पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस है। उन्होंने लिखित बयान देकर बताया कि मेडिकल स्टोर से जुड़े सभी कार्यों का संचालन उनके पति मनीष कुमार पंजवानी करते हैं। इसके बाद टीम आरोपी को साथ लेकर फाउंटेन स्थित ब्राइट फार्मा पहुंची। वहां दुकान का निरीक्षण किया गया। वहां से भी विभिन्न प्रकार की एलोपैथिक दवाएं बरामद हुईं।

एफएसडीए ने पांच दवाओं के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। वहीं, न्यू आगरा पुलिस ने औषधि निरीक्षक की तहरीर पर मनीष कुमार पंजवानी उर्फ सन्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।