त्रिवेणीगंज, सुपौल। दवा दुकानों की आड़ में अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस करने का मामला प्रकाश में आया है। नगर परिषद बाजार स्थित मेला ग्राउंड में दर्जनों दवा दुकानें खुली हुई हैं। यहां बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज हो रहा है। मरीजों को मनमाने तरीके से दवाएं दी जा रही हैं।

इन दुकानों पर दवा बिक्री के साथ-साथ दुकानदार खुद मरीजों की जांच करते हैं। लोगों का आरोप है कि ये विक्रेता बिना किसी विधिवत योग्यता के प्रैक्टिस कर रहे हैं। कुछ दुकानों के पास तो वैध लाइसेंस भी नहीं है। इन दवा विक्रेताओं को दवाओं के सही डोज, कंपोजिशन या दुष्प्रभावों की पर्याप्त जानकारी नहीं है। इसके बावजूद वे मरीजों का ब्लड प्रेशर जांच कर इलाज करते हैं। एंटीबायोटिक तथा इंजेक्शन का भी बेधडक़ इस्तेमाल करते हैं। इससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो सकता है।

ये दवा दुकानें अब बिना अनुमति क्लीनिक की तरह संचालित हो रही हैं। अस्थायी ढांचे के नीचे चल रही इन दुकानों में दवाओं के भंडारण की स्थिति भी सवालों के घेरे में है। तेज धूप और गर्मी में टिन शेड के नीचे रखी दवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा से संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।