कोटा (राजस्थान)। डिलीवरी की दवा डायनोप्रोस्टोन जेल जांच में फेल पाई गई है। इसके चलते इस दवा की बिक्री पर रोक लगा दी है। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के मामले की जांच में यह खुलासा हुआ है। डिलीवरी के दौरान इस्तेमाल डायनोप्रोस्टोन जेल का एक बैच गुणवत्ता जांच में फेल मिला है। ड्रग कंट्रोल विभाग ने पूरे राजस्थान में इस बैच की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। हालांकि, अभी यह नहीं कहा गया है कि यही दवा प्रसूताओं की मौत का कारण बनी। मामले की जांच अभी जारी है।

यह है मामला

ड्रग कंट्रोल विभाग ने न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल से डायनोप्रोस्टोन जेल के बैच नंबर ॥-084 का सैंपल लिया था। इस सैंपल को जांच के लिए जयपुर स्थित राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा। लैब की रिपोर्ट में यह बैच निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने इस बैच की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी।

कोटा के नयापुरा स्थित एमसीडीडब्ल्यू स्टोर से इसी बैच के 1117 पैकेट जब्त किए हैं। संबंधित निर्माता कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला तब सुर्खियों में आया था, जब न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसव के बाद पांच प्रसूताओं की मौत हो गई थी। इन मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कराई थी। जिन प्रसूताओं की मौत हुई थी, उन्हें इसी बैच नंबर ॥-084 की डायनोप्रोस्टोन जेल दी गई थी। इसके बाद दवा का नमूना जांच के लिए भेजा गया था। अब रिपोर्ट में बैच के गुणवत्ता परीक्षण में फेल होने पर जांच और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।