मेरठ (उप्र)। प्राइवेट अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल का मामला सामने आया है। युवक की मौत के चलते परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सक को मौत का जिम्मेदार ठहराया। वे डॉक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे तक डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम और कानूनी कार्रवाई की सलाह दी। परिजनों ने दोनों से इंकार कर दिया। रात करीब एक बजे बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर गांव लौट गए।
यह है मामला
बहचौला गांव निवासी 30 वर्षीय अवनीश शर्मा को पेट दर्द की शिकायत हुई थी। परिजन पहले उन्हें मोदीपुरम स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। हालत को देखते हुए गढ़ रोड स्थित न्यूटीमा अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक चिकित्सकों ने किडनी की समस्या बताते हुए डायलिसिस शुरू कर दी।
मृतक के रिश्तेदार विजय शर्मा ने बताया कि अवनीश से उनकी बातचीत हुई थी। शाम सात बजे चिकित्सक ने मरीज की हालत में सुधार होने की बात कही। परिजनों को उसे घर जाने की सलाह दी। आरोप है कि इसके करीब एक घंटे बाद सूचना मिली कि अवनीश की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामे की सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची। इस दौरान अस्पताल में मृतक के रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई। करीब दो घंटे तक चले गतिरोध के दौरान चिकित्सक ने मौके पर आने से इंकार कर दिया। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी संजीव रस्तौगी ने बताया कि अवनीश के पैनक्रियाज में गंभीर समस्या थी। दोनों गुर्दे भी खराब हो चुके थे। उनकी हालत नाजुक होने की जानकारी पहले ही परिजनों को दे दी गई थी।










