लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। नकली दवा की बिक्री करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने थाना अमीनाबाद में इस बारे में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी व्यापारी केवल फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाएं बाजार में खपा रहे थे। एफएसडीए ने अमीनाबाद की 9 संदिग्ध फर्मों का संचालन तुरंत रोक दिया है।

आरोपी फर्म मिश्रा एसोसिएट्स (अमीनाबाद), मिश्रा मेडिकल एजेंसी (रायबरेली), श्री अशोक फार्मास्युटिकल्स, भारत फार्मा और एम.डी.एच. फार्मा हैं। इनके संचालक केवल कागजों पर क्रॉस-बिलिंग कर रहे थे। फर्जी लेनदेन दिखाकर नकली और काउंटर फिट दवाओं को वैध बनाने की कोशिश की जा रही थी। इस आधार पर मनीष मिश्रा, आमोद कुमार मिश्रा, सन्नी कश्यप, देवेन्द्र शुक्ला और राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

एंटीबायोटिक दवा Augmentin Duo 625 का बड़ा मामला सामने आया। मिश्रा मेडिकल एजेंसी और मिश्रा एसोसिएट्स ने इस दवा की खरीद वास्तविक कीमत के मुकाबले मात्र 56.60 रुपये में दिखाई। वितरक मेडी किंग फार्मा ने पूछताछ में ऐसी किसी भी बिक्री से साफ इनकार कर दिया।

जिन फर्मों से करोड़ों रुपये की दवा खरीद-बिक्री दिखाई गई थी, वहां मौके पर कोई दवा स्टॉक मौजूद नहीं था। फर्म की प्रोपराइटर अमरीन अहसन और मंतशा ने लिखित बयान दिया कि उनकी फर्मों का संचालन उनकी जानकारी के बिना किया जा रहा था।

एफएसडीए के तरफ से अमीनाबाद की 9 संदिग्ध दवा फर्मों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। इनमें एसकेजी मेडिकल्स, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल, हेल्थ प्लस, एमके फार्मा, मां अम्बे फार्मा, आरएन फार्मा, सनलाइट फार्मा, सोनल फार्मा और सुपरविजन फार्मा शामिल हैं। इन नकली दवाओं का मुख्य स्रोत राजस्थान से जुड़ा है।