नई दिल्ली। पैंक्रियाटिक कैंसर से लड़ाई में नई दवा काफी गुणकारी मानी जा रही है। नई दवा ने डॉक्टरों और मरीजों की उम्मीद बढ़ा दी है। डैराक्सोनरैसिब नाम की गोली ने कीमोथेरेपी के मुकाबले बेहतर नतीजे दिए हैं। इससे मरीज पहले के मुकाबले ज्यादा समय तक जीवित रहे। साथ ही कई लोगों की जिंदगी की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला।

नई दवा में ऐसा क्या खास है?

डैराक्सोनरैसिब रोजाना ली जाने वाली एक गोली है। यह अभी एक्सपेरिमेंटल दवा है। यानी इसे आम मरीजों के लिए मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि क्लीनिकल ट्रायल में इसके नतीजों ने कैंसर विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। कई डॉक्टर इसे पैंक्रियाटिक कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी प्रगति मान रहे हैं। करीब 500 मरीजों पर हुए ट्रायल में डैराक्सोनरैसिब ने कीमोथेरेपी को पीछे छोड़ दिया। नई दवा ने मरीजों को करीब छह महीने का अतिरिक्त समय दिया। कई मरीजों में दर्द भी कम हुआ। उनकी लाइफ क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला।

कुछ साइड इफेक्ट भी हैं

इस दवा के कुछ साइड इफेक्ट भी सामने आए हैं। सबसे ज्यादा देखने वाली समस्या त्वचा पर रैश रही। कुछ मरीजों में उल्टी, दस्त और मुंह में छाले की शिकायत भी हुई।