मंडी (हिमाचल प्रदेश)। लाइसेंस बगैर चल रहे क्लीनिक पर औषधि प्रशासन ने रेड की गई। अवैध रूप से एलोपैथिक दवाओं की बिक्री और भंडारण करने पर फर्जी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की गई। अदालत ने मामले में जब्त दवाओं व अन्य सामग्रियों की कस्टडी ड्रग इंस्पेक्टर को सौंपदी है।

फर्जी मरीज भेजकर की छापामारी

ड्रग इंस्पेक्टर रीना कुमारी को बिना लाइसेंस एलोपैथिक दवाएं बेचने की सूचना मिली थी। इसके बाद औषधि विभाग की टीम ने पौड़ाकोठी में बिना नाम के चल रहे क्लिनिक पर रेड की।

टीम की सदस्य मंजू देवी ने मरीज बनकर क्लिनिक से दवाएं खरीदीं। खरीद की पुष्टि होते ही टीम ने मौके पर दबिश दी। क्लिनिक संचालक ने अपनी पहचान पश्चिम बंगाल निवासी संजीत राय के रूप में बताई।

तलाशी लेने पर परिसर से भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन और सिरिंज बरामद हुईं। पूछताछ के दौरान आरोपित दवा बिक्री का वैध लाइसेंस नहीं दिखा सका। उसके पास आरएमपी (रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर) का प्रमाणपत्र भी नहीं था। कोर्ट ने जब्त दवाओं और दस्तावेजों की कस्टडी ड्रग इंस्पेक्टर को सौंप दी है।