सतारा (महाराष्ट्र)। नशीली दवाओं की गुप्त फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। यह सफलता राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) को मिली। डीआरआई की टीम ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित अल्प्राजोलम और डायजेपाम दवाएं व कच्चा माल जब्त किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है।
यह है मामला
डीआरआई अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि सतारा में गैरकानूनी तरीके से दवाएं बनाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर टीम ने संबंधित ठिकाने पर छापेमारी की। मौके पर अल्प्राजोलम और डायजेपाम जैसी साइकोट्रोपिक दवाओं का अवैध उत्पादन होता मिला। ये दोनों ही दवाएं पूरी तरह से नियंत्रित और प्रतिबंधित हैं। अधिकारियों ने मौके से ही अवैध फैक्ट्री चला रहे मुख्य निर्माता को हिरासत में ले लिया। परिसर की तलाशी में भारी मात्रा में तैयार व प्रक्रियाधीन नशीले पदार्थ बरामद हुए।
डीआरआई ने जब्त किए सभी रसायनों और दवाओं को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। मामले की कडिय़ों को जोड़ते हुए पुणे में एक त्वरित अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने इस अवैध नशीली दवाओं के मुख्य खरीदार को भी धर दबोचा। पता चला है कि यह खरीदार इन साइकोट्रोपिक पदार्थों की तस्करी करने की फिराक में था। दोनों आरोपी पहले भी नशीली दवाओं के अवैध निर्माण और तस्करी के नेटवर्क में शामिल रहे हैं। दोनों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अल्प्राजोलम और डायजेपाम बेंजोडायजेपाइन श्रेणी की दवाएं हैं।










