पटना (बिहार)। कैंसर की जानलेवा बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए अच्छी खबर है। अब कैंसर की दवाएं सस्ती होने की उम्मीद है। इन रोगयिों के इलाज का खर्च भी घटेगा। कुछ महंगी इम्यूनोथेरेपी दवाओं के पेटेंट की अवधि समाप्त होने को है। इसके बाद बाजार में इनके विकल्प बढ़ सकते हैं। इससे दवाओं की कीमत में बड़ी कमी आने की संभावना है।
अभी जिन दवाओं के 100 एमएल के डोज की कीमत करीब दो लाख रुपये हैं। इनकी कीमत घटकर करीब 60 हजार रुपये तक आ सकती है। हालांकि वास्तविक कीमत संबंधित दवा, कंपनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। दवाओं की कीमत कम होने से इम्यूनोथेरेपी मरीजों को राहत मिल सकती है। बजट में कैंसर की 17 तरह की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में राहत से लागत कम होगी।
एक डोज में 1.40 लाख तक की बचत की उम्मीद
अभी करीब दो लाख में मिलने वाला एक डोज लगभग 60 हजार रुपये में उपलब्ध होगा। मरीज को एक डोज पर करीब 1.40 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। ऐसे में लंबे उपचार में कुल खर्च में बड़ी कमी आ सकती है।
औषधि नियंत्रक प्रशासक चुनेंद्र महतो के अनुसार, कुछ इम्यूनोथेरेपी दवाओं के पेटेंट की अवधि समाप्त होने वाली है। पेटेंट अवधि खत्म होने पर दूसरी कंपनियां भी अपने उत्पाद बाजार में ला सकती हैं। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढऩे और कीमतों में कमी आने की संभावना है। आधुनिक कैंसर उपचार अधिक मरीजों की पहुंच में आ सकता है।










