कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। खून की कालाबाजारी का भंडाफोड़ होने का समाचार है। पुलिस ने सरकारी अस्पताल के तीन लैब सहायकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लैब सहायक पूर्वी मिदनापुर जिले के पंसकुरा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कार्यरत हैं। पुलिस ने अभी तक उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। शक है कि यह तीनों एक बड़े गिरोह का हिस्सा हैं। इसी वजह से भ्रष्टाचार निरोधक शाखा उनसे पूछताछ कर रही है। आरोपियों का काम करने का तरीका काफी अलग था।

जब उन्हें किसी रक्तदान शिविर की जानकारी मिलती थी तो वे आयोजकों के पास पहुंच जाते। वे डोनर कार्ड बेहद कम कीमत पर खरीद लेते थे। एक कार्ड के लिए वे करीब 100 से 150 रुपए देते थे। इन डोनर कार्डों के आधार पर सरकारी ब्लड बैंकों से मुफ्त में एक यूनिट खून ले लेते थे। यही खून जरूरतमंद मरीजों को ऊंची कीमत पर बेचा जाता था।

जितना दुर्लभ ब्लड ग्रुप होता था, उसकी कीमत उतनी ही अधिक वसूली जाती थी। खून बेचकर प्राप्त रकम तीनों आरोपी आपस में बांट लेते थे। आशंका है कि इस मामले में एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।