नई दिल्ली। कैंसर की नकली दवाओं का रैकेट पकड़ा गया है। यह सफलता दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को मिली। सक्रिय सिंडिकेट मरीजों को प्रतिबंधित दवा बेच रहा था।
पुलिस ने मध्य प्रदेश, भिंड के डा. मनीष शर्मा को गिरफ्तार किया है। कई सालों से वह फरीदाबाद में रह रहा था। इसकी निशानदेही पर लाखों की नकली दवाएं जब्त की हैं। जब्त दवाएं जापान और अमेरिका की कंपनियों की थीं। इन्हें तुर्किये में बनाकर भारत में तस्करी किया जा रहा था। इनमें कुछ दवाएं भारत में स्वीकृत भी नहीं है। आरोपित असली दवाओं के नाम पर इन्हें ऊंचे दामों पर बेच रहा था।
रूस से किया है एमबीबीएस
सूचना मिली कि एक शख्स विदेश से कैंसर दवाओं की तस्करी कर रहा है। भारत में अवैध रूप से बेचने का धंधा कर रहा है। टीम ने सुखदेव विहार स्थित मदर डेरी बूथ पर दबिश दी। कार से पहुंचे आरोपित डा. मनीष शर्मा को दबोच लिया। उसने रूस से एमबीबीएस किया है। भारत में वह मेडिकल लाइसेंस परीक्षा पास नहीं कर सका। उसने पहले फरीदाबाद में एक अस्पताल खोल लिया। अस्पताल में घाटा होने पर कैंसर की प्रतिबंधित दवाओं का अवैध व्यापार शुरू कर दिया।
उसने एचके फार्मा नाम से फर्म बनाई। इंडिया मार्ट के जरिए कैंसर की नकली और तस्करी की दवाओं की आपूर्ति शुरू कर दी। पुलिस ने कार से इक्लुसिग पोनाटिनिब की चार पैकेट दवाएं बरामद की। अमेरिका में इसकी कीमत लगभग 17 लाख प्रति बाक्स है। यह दवा भारत में स्वीकृत नहीं है। डार्जालेक्स की दो बाक्स (तुर्किये से तस्करी) बरामद की गई। अधिकृत कंपनी द्वारा इसकी कीमत 2,27,000 प्रति वायल है। ह्यूमन एल्ब्यूमिन साल्यूशन चार वायल की कीमत 5,800 प्रति बाक्स है। क्राइम ब्रांच ने इसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगा रही है।










