कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। सांप के जहर की दवा निर्माण के लिए 150 करोड़ का प्लांट प्रस्तावित हुआ है। राज्य में करीब 15 साल बाद एक बार फिर एंटी-स्नेक वेनम बनाने की तैयारी शुरू हुई है। बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने इसका उत्पादन दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी इसके लिए करीब 150 करोड़ रुपये का प्लांट लगाने की योजना बना रही है। कह गया है कि बंगाल में सांप काटने के मामले ज्यादा हैं। ऐसे में राज्य को दूसरे हिस्सों से आने वाली दवा पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

ये है योजना

बीपीसीएल ने इस प्रस्ताव को लेकर राज्य सरकार से बातचीत शुरू कर दी है। कंपनी के प्रबंध निदेशक एस घोष चौधरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सामने यह प्रस्ताव रखा है। उन्होंने सरकार से एंटी-स्नेक वेनम की खरीद की गारंटी देने की मांग की है। कंपनी चाहती है कि एक वायल की खरीद कीमत भी बढ़ाई जाए। अभी एक वायल के लिए करीब 450 रुपये मिलते हैं। कंपनी ने इसे बढ़ाकर 700 से 800 रुपये करने की मांग की है। उनका कहना है कि इसी आधार पर परियोजना को आगे बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने बंगाल केमिकल्स के पुराने अनुभव का हवाला दिया। बाहर से आने वाले एंटी-स्नेक वेनम के मामले में मरीजों को 60 वायल तक की जरूरत पड़ रही है। कुल इलाज लागत को देखते हुए स्थानीय उत्पादन सरकार के लिए फायदेमंद हो सकता है।