गाजियाबाद (यूपी)। सेहत बनाने के नकली सप्लीमेंट बिक्री का भंडाफोड़ हुआ है। जिम में जल्द बॉडी बनाने की चाहत युवाओं को नकली सप्लीमेंट के बाजार तक पहुंचा रही है। शालीमार गार्डन पुलिस ने फर्जी लेबल-पैकिंग के जरिए बॉडी-बिल्डिंग सप्लीमेंट का पर्दाफाश किया है। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 50 लाख की सामग्री बरामद की है।
यह है मामला
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इस पर दिलीप पांडेय, वीरभान उर्फ रवि, रोहित वक्शी उर्फ लड्डू, हन्नी कुलश्रेष्ठ और आर्यन को पकड़ा गया। दिलीप और वीरभान ओल्ड सीमापुरी, दिल्ली के रहने वाले हैं। रोहित, हन्नी और आर्यन विजयनगर क्षेत्र के निवासी हैं। दिल्ली निवासी मोहित और आदिल से कच्चा माल, प्रिंटेड लेबल, मोनो कार्टन और खाली शीशियां हासिल की जाती थीं। सामग्री को विजयनगर स्थित गोदाम और दुकानों में पैक कर तैयार उत्पाद का रूप दिया जाता था। प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम और मोनोग्राम वाली पैकिंग लगाकर इन्हें ऊंचे दामों पर बेचने का आरोप है।
बरामद सामान में Dianabol की बोतलें, Anadrol और Clian के खाली कार्टन, Testolone RAD, पेप्टाइड किट, Pragma इंजेक्शन और बिना लेबल वाली लाल गोलियों से भरी 508 डिब्बियां शामिल हैं। इसके अलावा Myodrol, Bulkzilla, GHRP-6, Musclemass Gainer, MK-677, IGF-1 और HGH X2 जैसे डाइट सप्लीमेंट भी मिले हैं। इंजेक्शन और कंपाउंड में Trenbolone, Winstrol, Sustanon, Deca, Test E-250 और Masteron जैसे डाइट सप्लीमेंट भी मिले हैं। बड़ी संख्या में होलोग्राम, खाली शीशियां, मोनो कार्टन और दूसरी पैकिंग सामग्री मिलने के बाद पुलिस को इस कथित कारोबार के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री में कुछ उत्पाद प्रतिबंधित या नियंत्रित श्रेणी के भी हो सकते हैं। इनकी वास्तविक संरचना, गुणवत्ता और वैधता की जांच कराई जा रही है।










