नई दिल्ली। HIV की दवा लेनाकेपावीर को भारत में भी जल्द मंजूरी मिलेगी। भारत में एचआईवी के मामले बहुत कम ही आते हैं। एचआईवी से पीड़ित लोगों को रोजाना दवा खाने की जरूरत पड़ती है। अगर एक दिन भी दवा मिस हो जाती है तो भारी मुसीबतें उठानी पड़ती हंै। रोज दवा खाने में कभी-कभी मिस होना आम बात है। सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द इस समस्या का समाधान हो जाएगा।

भारतीय दवा कंपनियां एचआईवी की खास दवा लेनाकेपावीर ( Lenacapavir) को बहुत जल्दी देश में लाने की तैयारी कर रही हैं। यह दवा गिलार्ड साइंस ने बनाई है। यह इंजेक्शन के रूप में मरीज में दिया जाता है। 6 महीने में सिर्फ एक इंजेक्शन की जरूरत होती है। भारत में इसका जेनरिक वर्जन तैयार है। चूंकि अमेरिका, यूरोप में यह दवा पहले से इस्तेमाल हो रही है। दवा कंपनियां चाहती हैं कि इसके ट्रायल में कुछ छूट दे दी जाए। इससे जल्दी से यह मरीजों को आसानी से मिल सकेगी।

साल के अंत तक दवा भारत में

भारत में इस दवा के लिए एमक्योर फार्मा ने आवेदन दे दिया है। कंपनी के डायरेक्टर समित मेहता ने बताया कि इस साल के अंत तक दवा को मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद दवा एचआईवी मरीजों को यह इंजेक्शन दिया जाएगा। इस इंजेक्शन को 6 महीने में एक बार लगाया जाएगा। इसके बाद बार-बार दवा लेने की झंझट खत्म हो जाएगी। भारत में करीब 26 लाख लोग एचआईवी मरीज हैं। हालांकि हर साल 50 हजार के करीब नए मरीज भी जुड़ जाते हैं। इस इंजेक्शन का जेनरिक वर्जन आने पर इसकी कीमत और कम हो जाएगी।