कानपुर (यूपी)। नशीली दवा बेचने वाली 28 फर्मों के लाइसेंस कैंसिल हुए हैं। ये दवा फार्मा सिर्फ कागजों पर संचालित थी। औषधि विभाग ने 3270 दवा फर्मों की जांच के बाद यह कार्रवाई की है। अग्रवाल ब्रदर्स के यहां मिले नशीले सिरप के बाद दवा फर्मों के सत्यापन के निर्देश दिए गए थे।

विभाग की टीम थोक दवा फर्मों का सत्यापन कर रही है। अभी तक की जांच में 16 फर्मों कागजों पर चलती मिलीं। 12 फर्मों के जरिये नशीली दवाओं के कारोबार के साक्ष्य मिले हैं। इन फर्मों में अग्रवाल ब्रदर्स, सिसोदिया, प्रेमा, माया फर्म, सहित 28 दवा फर्में शामिल हैं। पता चला कि कई दवा फर्मे सिर्फ कागजों तक सीमित है। दर्ज पते पर टीम पहुंची तो दुकान मालिक ने किसी फर्म के संचालन से इनकार कर दिया।

ड्रग विभाग के सहायक आयुक्त गोविंद गुप्ता ने बताया कि 28 थोक दवा फर्मों के लाइसेंस रद्द किए हैं। इन फर्मों में 12 फर्मे नशीली दवाओं की बिक्री से जुड़ी है। बाकी सिर्फ कागजों पर चल रही थीं। सभी फर्मों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। अभी अभियान जारी है। आगे और कार्रवाई की जाएंगी।