धनबाद (झारखंड): धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में ब्लड बैंक, दंत विभाग समेत अन्य विभागों के लिए जरूरी चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए एक बार फिर टेंडर जारी किया गया है। इससे लंबे समय से अटकी उपकरणों की खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। नए टेंडर को खोलने की तिथि अक्टूबर में निर्धारित की गई है।

पहला टेंडर अंतिम चरण में हुआ था रद्द

एसएनएमएमसीएच में इन उपकरणों की खरीद के लिए पहले भी टेंडर जारी किया गया था, लेकिन उसे अंतिम चरण में रद्द कर दिया गया था। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने नई प्रक्रिया शुरू की है। विभिन्न विभागों की जरूरत के अनुसार उपकरणों की सूची तैयार कर खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

ब्लड बैंक और दंत विभाग को मिलेंगे उपकरण

टेंडर में ब्लड बैंक के लिए जरूरी उपकरणों के साथ दंत विभाग के लिए डेंटल चेयर समेत कई उपकरणों की खरीद का प्रावधान किया गया है। ब्लड बैंक में आधुनिक उपकरण होने से खून की जांच, भंडारण और रक्त घटकों को अलग करने का काम बेहतर तरीके से हो सकेगा, जबकि दंत विभाग में नए उपकरणों से मरीजों के इलाज और मेडिकल छात्रों के प्रशिक्षण में सुधार होगा।

उपकरण आने में अभी लगेगा समय

टेंडर खुलने के बाद तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद पात्र एजेंसी का चयन कर उपकरणों की आपूर्ति कराई जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के कारण टेंडर जारी होने के बावजूद उपकरणों के अस्पताल पहुंचने में अभी कुछ समय लग सकता है।

सरकारी अस्पतालों में उपकरण खरीद की चुनौती

सरकारी अस्पतालों में मेडिकल उपकरणों की खरीद एक लंबी और जटिल प्रक्रिया होती है। तकनीकी शर्तें तय करना, निविदा आमंत्रित करना, आपूर्तिकर्ताओं का मूल्यांकन और गुणवत्ता जांच, सब में समय लगता है। टेंडर रद्द होने या विवाद होने पर यह प्रक्रिया और लंबी खिंच जाती है, जिसका सीधा असर मरीजों पर पड़ता है।

इसी चुनौती से निपटने के लिए कई राज्यों ने तमिलनाडु और राजस्थान की तर्ज पर मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन बनाए हैं, जो केंद्रीकृत तरीके से दवाओं और उपकरणों की खरीद करते हैं। इससे खरीद में पारदर्शिता बढ़ती है और समय की बचत होती है।

मरीजों को है इंतजार

एसएनएमएमसीएच कोयलांचल क्षेत्र का प्रमुख सरकारी अस्पताल है, जहां धनबाद और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। उम्मीद है कि इस बार टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी होगी और मरीजों को जल्द नए उपकरणों का लाभ मिलेगा।

स्रोत: प्रभात खबर (सितंबर 2026)