बैंगलुरु (कर्नाटक)। दो दवा वितरकों के लाइसेंस रद्द और निलंबित करने पर रोक लगा दी है। यह आदेश कर्नाटक उच्च न्यायालय ने जारी किए हैं। फॉच्र्यून मेडिकल सॉल्यूशंस का लाइसेंस रद्द किया गया था। वहीं, विवान्ता फार्मास्यूटिकल्स का परमिट निलंबित किया गया था। न्यायालय ने एफएसडीए और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। उनको औपचारिक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता राहुल कारियाप्पा ने यह जानकारी दी। विवान्ता फार्मा ने अपना तर्क दिया है। बताया कि विनियामक आरोप केवल इंजेक्शन से दी जाने वाली दवा ज़ाविसेफ़्टा के विशिष्ट बैचों से संबंधित थे। उसके सभी दवा लाइसेंसों पर लगाया गया व्यापक निलंबन उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उसने इस कार्रवाई को अत्यधिक, मनमाना और असंगत बताया।
नियामक निकाय ने औषधि नियम के उल्लंघन का हवाला देते हुए दंड की प्रक्रिया शुरू की। इसमें यह अनिवार्य है कि निलंबन या रद्द करने का आदेश लागू करने से पहले अधिकारियों को लाइसेंसधारक को सुनवाई का अवसर देना होगा।










