नई दिल्ली। देश में ही 32-स्लाइस CT स्कैनर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) ने 15 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के मालूर स्थित पैनेसिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है। इसके तहत स्वदेशी 32-स्लाइस कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CT) स्कैनर के विकास और व्यावसायीकरण में मदद दी जाएगी।
परियोजना में अलग-अलग क्लिनिकल विभागों में डायग्नोस्टिक इमेजिंग के लिए CT स्कैनर का डिजाइन, विकास और इस्तेमाल शामिल है। CT स्कैनर घूमते हुए एक्स-रे सिस्टम और डिजिटल डिटेक्टर से शरीर की परत-दर-परत तस्वीरें लेता है, जिन्हें कंप्यूटर की मदद से अंदरूनी अंगों की विस्तृत छवि में बदला जाता है।
पैनेसिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज अब तक कैंसर के इलाज के लिए रेडियोथेरेपी उपकरण और मैमोग्राफी जैसी इमेजिंग मशीनें बनाती रही है। इस परियोजना के जरिए कंपनी रेडियोथेरेपी से आगे बढ़कर डायग्नोस्टिक इमेजिंग में कदम रख रही है।
TDB के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ के तहत हाई-एंड मेडिकल उपकरणों के घरेलू निर्माण को मजबूत करने के सरकार के लक्ष्य के अनुरूप है। अभी देश में उन्नत इमेजिंग मशीनों के बाजार पर आयातित तकनीक का दबदबा है। स्वदेशी स्कैनर से आयात पर निर्भरता घटने की उम्मीद है।
