स्वदेशी मेडिकल डिवाइस बनाने के लिए ICMR ने चुने सात संस्थान, पांच IIT शामिल
ICMR ने स्वदेशी मेडिकल डिवाइस और डायग्नोस्टिक्स विकसित करने के लिए 5 IIT समेत सात संस्थानों को चुना।
देश में बनेगा स्वदेशी 32-स्लाइस CT स्कैनर, TDB ने पैनेसिया मेडिकल से किया करार
TDB ने कर्नाटक की पैनेसिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज के साथ स्वदेशी 32-स्लाइस CT स्कैनर विकसित करने का समझौता किया।
PCI ने शुरू किया M.Pharm मेडिकल डिवाइसेज कोर्स, सरकारी कॉलेजों में आएगा Pharm D
PCI ने M.Pharm (मेडिकल डिवाइसेज) कोर्स शुरू किया, 2027-28 से लागू; तमिलनाडु के सरकारी कॉलेजों में शुरू होगा Pharm D।
छोटी पैथोलॉजी लैब्स के लिए नया डिजिटल स्लाइड स्कैनर लॉन्च
एविडेंट ने छोटी और मध्यम पैथोलॉजी लैब्स के लिए कॉम्पैक्ट ‘प्रमाणा POD’ डिजिटल स्लाइड स्कैनर लॉन्च किया।
अर्जेंटीना में भारतीय दवा और मेडिकल डिवाइस कंपनियों के लिए निर्यात का मौका
Pharmexcil ने सदस्य कंपनियों से अर्जेंटीना के टुकुमान प्रांत को दवाएं, API और मेडिकल डिवाइस सप्लाई करने के लिए दाम मांगे।
खराब और नकली मेडिकल उपकरणों पर सख्ती: सीडीएससीओ को बिक्री रोकने और नष्ट कराने का अधिकार देने की तैयारी
केंद्र सरकार मेडिकल डिवाइस नियम 2017 के नियम 30(1) में संशोधन पर विचार कर रही है। सीडीएससीओ और राज्य प्राधिकरणों को खराब, घटिया या नकली उपकरणों की बिक्री तुरंत रोकने और उन्हें नष्ट कराने का अधिकार मिलेगा।
एआई और हेल्थ ऐप पर सीडीएससीओ के नए नियम: मेडिकल डिवाइस सॉफ्टवेयर गाइडेंस जारी, साइबर सुरक्षा पर खास जोर
सीडीएससीओ ने मेडिकल डिवाइस सॉफ्टवेयर पर अंतिम गाइडेंस जारी किया। एआई आधारित टूल, हेल्थ ऐप, आईओटी डिवाइस और डिजिटल थेरेप्यूटिक्स अब नियामक दायरे में। साइबर सुरक्षा और एसबीओएम पर खास जोर।
मेडिकल डिवाइस पीएलआई योजना में 266.64 करोड़ रुपये जारी, देश में बन रहे एमआरआई-सीटी स्कैनर; तीन डिवाइस पार्क तैयार हो रहे
मेडिकल डिवाइस पीएलआई योजना में वित्त वर्ष 2024-25 तक 266.64 करोड़ रुपये जारी। 27 आवेदन मंजूर, जिनमें 14 एमएसएमई। 1,153 करोड़ के निवेश से देश में एमआरआई, सीटी स्कैनर और लिनैक जैसे उपकरण बन रहे।
मेडिकल डिवाइस लाइसेंस अब जल्दी मिलेगा: क्लास बी के लिए 115 और क्लास सी-डी के लिए 90 दिन की समय-सीमा प्रस्तावित
स्वास्थ्य मंत्रालय ने मेडिकल डिवाइस नियम 2017 में संशोधन का मसौदा जारी किया। क्लास बी डिवाइस का लाइसेंस 140 की जगह 115 दिन और क्लास सी-डी का 105 की जगह 90 दिन में मिल सकेगा। ‘डेफिशिएंसी क्लॉक’ की नई व्यवस्था भी प्रस्तावित।
भारतीय मेडिकल उपकरणों के निर्यात में आएगी जान
नई दिल्ली। भारतीय मेडिकल उपकरणों के निर्यात में जान आने की आस जगी है। इसके पीछे अमेरिकी टैरिफ 50 फसदी से घटाकर 18 करने का असर बताया जा रहा है।…












