नई दिल्ली। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने ‘मेंटेनेंस ऑफ स्टैंडर्ड्स ऑफ मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस, 2023’ (MSMER-2023) को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। 14 अक्टूबर 2026 की तारीख वाली यह अधिसूचना 16 अक्टूबर को भारत के राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित हुई। ये नियम सितंबर 2023 में मेडिकल शिक्षा के मानक बनाए रखने के लिए अधिसूचित किए गए थे।
हालांकि नियम वापस लेने के बावजूद मेडिकल संस्थानों को वार्षिक प्रकटीकरण रिपोर्ट (एनुअल डिस्क्लोजर रिपोर्ट, ADR) जमा करनी होगी। NMC अधिनियम, 2019 की धारा 24(i) और 25(h) के तहत यह जिम्मेदारी जारी रहेगी।
अधिसूचना में संक्रमणकालीन प्रावधान भी रखे गए हैं, ताकि पहले से चल रही कार्रवाई, दी गई मंजूरियां और लंबित मामले प्रभावित न हों। पहले से तय निरीक्षण, नवीनीकरण और लंबित आवेदन खत्म नहीं होंगे। MBBS और PG दाखिले पहले की तरह NEET के जरिए ही होंगे और काउंसलिंग प्रक्रिया पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
जानकारों का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं कि मेडिकल शिक्षा से जुड़े सभी नियम हट गए हैं या कॉलेज अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए हैं। कॉलेजों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक अधिसूचना पढ़कर अपने अनुपालन से जुड़े फैसलों का पूरा रिकॉर्ड रखें।
