मुंबई। एफडीए ने 954 मिठाई दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए हैं। दीपावली पर चांदी के वर्क और सोने जैसी सजावट वाली महंगी मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है।चमक देखकर मिठाई खरीदना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने इस बारे लोगों से अपील की है। कहा है कि मिठाई की कीमत और सजावट के बजाय उसकी शुद्धता पर ध्यान दें।
असली चांदी के वर्क की पहचान यह है कि उसे उंगलियों से रगडऩे पर वह घुल जाता है। मिलावटी एल्युमिनियम की परत छोटी गोली जैसा रूप ले लेती है। एफडीए की राज्यव्यापी मुहिम में 9,667 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान 954 के लाइसेंस निलंबित और 25 रद्द किए गए।
करीब 63.45 करोड़ रुपये का 3,098.46 टन खाद्य पदार्थ जब्त किया। मुंबई में 1,504 प्रतिष्ठानों की जांच हुई और 142 के लाइसेंस निलंबित किए। 15 अक्टूबर से 3 नवंबर तक राज्य में 3,332 प्रतिष्ठानों की जांच हुई। इनमें 326 के लाइसेंस निलंबित और 15 रद्द किए गए। 44.37 करोड़ रुपये का खाद्य पदार्थ जब्त हुआ। मुंबई में इस दौरान 1,037 प्रतिष्ठानों की जांच कर 76 के लाइसेंस निलंबित किए गए।
उपभोक्ताओं के लिए एफडीए की खास सलाह-
1. असली चांदी का वर्क उंगलियों से रगडऩे पर घुल जाता है।
2. एल्युमिनियम की परत रगडऩे पर छोटी गोली बन जाती है।
3. बहुत ज्यादा चमकदार और तेज रंग वाली मिठाई से बचें।
4. दूध की मिठाई फ्रिज में रखें और एक-दो दिन में खा ले।
5. मावा, घी और मिठाई अधिक सस्ती मिलने पर सावधान रहे।
6. दुकान का खाद्य सुरक्षा लाइसेंस और बिल जरूर जांचें।
दवा उत्पादक और विक्रेताओं पर भी गिरी गाज
मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में दवा कारोबार पर निगरानी तेज हुई है। एफडीए ने अक्टूबर 2026 में राज्य भर में 1,986 जांच की। अप्रैल से अक्टूबर के सात महीनों में कुल 7,950 जांच हुई। अकेले अक्टूबर में करीब 25 प्रतिशत काम निपटा। मुंबई में अक्टूबर में 322 जांच हुई।
इनमें 280 दवा बिक्री की दुकानों की और 42 दवा बनाने वाली इकाइयों की थी। मुंबई शहर में कोलाबा के आईएनएचएस अश्विनी में 29 अक्टूबर को दो नकली दवाएं मिली। इनकी कीमत 1,00,900 रुपये है। छत्रपति संभाजीनगर में नाइट्राजेपाम नशीली गोलियों की अवैध बिक्री के दो मामलों में 199 गोलियां जब्त हुईं। एनडीपीएस कानून के तहत 2 एफआईआर दर्ज हुईं और 4 लोग गिरफ्तार किए गए।





