आगरा (उप्र)। कैंसिल दवा लाइसेंस पर कारोबार के संचालन का मामला प्रकाश में आया है। दवाओं की कालाबाजारी के लिए माफिया अब कैंसिल हो चुके लाइसेंसों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई में यह मामला सामने आया है।
जांच में एक निरस्त लाइसेंस के नाम पर गोदाम संचालित होता मिला। मौके से करीब 40 लाख रुपये की दवाएं बरामद की गईं। अब विभाग ऐसे सभी निरस्त लाइसेंसों और उनसे जुड़े कारोबार की जांच में जुट गया है।
दवाओं की कालाबाजारी के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद औषधि विभाग ने जांच बढ़ा दी है। अब राज्य जीएसटी विभाग से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
निरस्त लाइसेंसों के नाम पर कारोबार की जांच पर फोकस किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने 20 मेडिकल फर्मों और 12 गोदामों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान गौरव मेडिको के नाम पर संचालित एक गोदाम का लाइसेंस निरस्त मिला था। इस गोदाम का उपयोग सीएफ एंटरप्राइजेज के संचालक मोहम्मद शाहिद कुरैशी के तहत िमला था। यहां से करीब 40 लाख रुपये मूल्य की दवाएं बरामद हुईं। छापेमारी के दौरान सरकारी, सैंपल और एक्सपायर्ड दवाएं भी जब्त की गई हैं।
निरस्त लाइसेंस समेत अन्य बिंदुओं की जांच जारी है। कार्रवाई के दौरान 12 गोदामों के ताले तोड़कर जांच की गई थी। इनमें 80 लाख रुपये से अधिक की सैंपल और एक्सपायर्ड दवाएं बरामद हुई थीं। फिलहाल चार गोदाम अभी भी सील हैं। उनमें बड़ी मात्रा में दवाएं रखी हुई हैं। विभाग ने संबंधित लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी मौजूदगी में गोदाम खोले जाएंगे।










