शिमला (हिमाचल प्रदेश)। भ्रष्ट ड्रग कंट्रोलर की 2.58 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व सहायक औषधि नियंत्रक निशांत सरीन और उनकी सहयोगी कोमल खन्ना के खिलाफ कार्रवाई की है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दोनों की कुल 2.58 करोड़ की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया। इनमें हरियाणा के पंचकूला में एक लग्जरी फ्लैट और शिमला में एक घर शामिल है।
आरोप है कि उन्होंने नाहन, बद्दी और सोलन में ड्रग इंस्पेक्टर व असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर के पद पर रहते हुए दवा कंपनियों से लाखों की रिश्वत ली। वे फार्मा कंपनियों को धमकाते थे। कहते थे कि अगर पैसा नहीं दिया तो उनकी फैक्ट्री सील कर देंगे या लाइसेंस रद्द कर देंगे। इसी डर से कई कंपनियों को कोमल खन्ना की दो फर्मों जेनिया फार्मास्यूटिकल्स और निया फार्मा के साथ घाटे का सौदा करने को मजबूर होना पड़ा।
जांच में पता चला कि रिश्वत के इन पैसों को फ्लैट, घर, एफडी और गहनों-गाडिय़ों में लगाया गया। कोमल खन्ना ने तो एक कंपनी की पार्टनरशिप में अपना हिस्सा 50 फीसदी से बढ़ाकर 95 फीसदी तक कर लिया। इसके पीछे निशांत सरीन के सरकारी पद का दबाव था।
निशांत सरीन को 2021 में ही रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके बाद आय से अधिक संपत्ति का भी मामला दर्ज हुआ। इसमें 1.66 करोड़ से ज्यादा की अवैध कमाई की गई थी। हरियाणा पुलिस ने भी 2022 में दोनों के खिलाफ जबरन वसूली और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। निशांत सरीन को ईडी ने 9 अक्टूबर 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था और अभी वह जेल में है।










