गोंडा (यूपी)। अवैध नशीली दवा के कारोबारी की जमानत को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। 1.13 करोड़ रुपये की नकली और नशीली दवा का यह मामला है।
अवैध कारोबार के आरोपी शिवम कसौधन को इससे बड़ा झटका लगा। कोर्ट ने कहा कि जमानत देने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है। शिवम 19 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद से गोंडा मंडलीय कारागार में बंद है।
निर्दोष होने का दावा किया था
आरोपी शिवम ने जमानत याचिका दाखिल कर खुद को निर्दोष बताया था। उसने दावा किया कि वह अमन फार्मास्यूटिकल का प्रोपराइटर या पार्टनर नहीं है। यह कारोबार उसका सगा भाई अमन कसौधन करता था। दोनों भाइयों के बीच पहले ही बंटवारा हो चुका है। ड्रग्स विभाग की टीम ने उसे अमन कसौधन की दुकान की पहचान के लिए बुलाया था।
इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उसने इसी आधार पर जमानत की मांग की थी।
विशेष अभियोजक अनुपम शुक्ला ने जमानत का विरोध िकया। उन्होंने कहा कि शिवम बिना लाइसेंस नकली और नशीली दवाओं की बिक्री के कारोबार में शामिल था। अभियोजन ने तथ्यों और गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए जमानत खारिज करने की मांग की।
गोंडा में 9 जिलों की ड्रग्स विभाग की टीमों ने लगातार तीन दिन छापेमारी की थी। तीन अवैध गोदामों से करीब 1 करोड़ 13 लाख की नकली दवाएं बरामद की थीं। इसी मामले में शिवम कसौधन को 19 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
मामले में शिवम का भाई और मुख्य आरोपी बताया गया अमन अभी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।










