पटना (बिहार)। सरकारी अस्पताल से महंगी दवाएं चोरी कर तस्करी करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड नीरज कुमार को गिरफ्तार किया है। उसे वैशाली के हाजीपुर स्थित कोन्हारा घाट से दबोचा गया। नीरज पिछले 20 से 25 वर्षों से अवैध दवा कारोबार में सक्रिय था। आरोपी ने बिहार और अन्य राज्यों में दवा तस्करी का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर रखा था। पुलिस अब उसके अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
सरकारी अस्पतालों से खरीदी जाती थीं महंगी दवाएं
जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह सरकारी अस्पतालों से जीवन रक्षक दवाएं और महंगी वैक्सीन खरीदता था। इसमें अस्पताल कर्मियों और स्थानीय मेडिकल दलालों की मिलीभगत सामने आई है। कई जिलों से सरकारी दवाएं जुटाकर गिरोह उन्हें पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंचाता था। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। सरकारी दवाओं को त्रिपुरा के अगरतला भेजा जाता था। वहां दवाओं के मूल रैपर हटाकर नए रैपर लगाए जाते थे। उन पर अधिक कीमत अंकित की जाती थी।
इसके बाद इन्हें बांग्लादेश में तस्करी के जरिए ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। हाल के महीनों में पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े एक दर्जन से अधिक कारोबारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक 15 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।










