लखनऊ (उप्र)। जन औषधि केंद्र पर ब्रांडेड दवाएं बेचने का पर्दाफाश हुआ है। रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त अस्पताल में खुले जन औषधि केंद्र में मरीजों को ब्रांडेड दवाएं थमाई जा रही थी। मामले की शिकायत होने के बाद सीएमएस ने केंद्र की जांच की। इस बीच केंद्र पर बैठी महिला कर्मचारी ने खुद को मंत्री का करीबी बताकर जांच टीम को अर्दब में लेने की कोशिश की।
बता दें कि अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1000-1200 मरीज आते हैं। अस्पताल के काउंटरों से नि:शुल्क दवा न मिलने पर कई मरीज और तीमारदार जन औषधि केंद्र में दवाएं लेने जाते हैं। यहां जेनेरिक दवाएं 50 से 80 फीसदी तक सस्ती मिलती हैं। लेकिन यहां महंगी दवाएं बेचने की शिकायत हुई।
यह है मामला
मरीज हरिकरन और योगिता बाजपेयी ने ओपीडी में नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लिया। डॉक्टर ने परचे पर कई दवाएं लिखीं। जब वे अस्पताल की फार्मेसी के काउंटर पर पहुंचे तो उन्हें कुछ दवाएं नहीं मिलीं। इस पर उनके तीमारदार अस्पताल परिसर में बने जन औषधि केंद्र के काउंटर पर पहुंचे। वहां जेनेरिक दवा नहीं दी गई। ब्रांडेड नामी कंपनी की तीन दवाएं उन्हें काफी महंगी कीमत पर मिलीं।
उन्होंने अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीलिमा सोनकर से शिकायत की। जनप्रतिनिधियों और मरीजों की शिकायत पर परचा व दवाएं लेकर सीएमएस डॉ. नीलिमा सोनकर ने जन औषधि केंद्र पर छापा मारा। उन्हें केंद्र के काउंटर, फ्रिज समेत कई जगह नामी कंपनी की ब्रांडेड दवाएं मिलीं। तीमारदारों ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। केंद्र पर बैठी महिला कर्मचारी ने इसे लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इस पर सीएमएस ने उसे फटकार भी लगाई। इसके बाद वह शांत हुई। उन्होंने कर्मचारी को ब्रांडेड दवाएं हटाने और जेनेरिक दवाएं ही देने की हिदायत दी।










