गोंडा (उप्र)। फर्जी ब्लड बैंक गिरोह का भंडाफोड़ करने में सफलता मिली है। पुलिस ने अवैध खून खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
इसका संचालन बलरामपुर के ब्लड बैंक संचालक अभिषेक सिंह और श्रावस्ती के लैब टेक्नीशियन सौरभ श्रीवास्तव कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्तार, शिवम शुक्ला, विजय, साहबे आलम, ऋषिकेश अवस्थी, बृजेश कुमार शुक्ला, सौरभ श्रीवास्तव और अभिषेक सिंह शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से 253 फर्जी ब्लड बैंक कार्ड, 10 डिस्पोजेबल सिरिंज बरामद किए हैं।
आरोपी सरकारी ब्लड बैंक से मिलते-जुलते फर्जी कार्ड छपवाकर नेटवर्क संचालित करते थे। गिरोह महंगे दामों पर फर्जी कार्ड के आधार पर खून उपलब्ध कराता था। आरोप है कि कई मामलों में मरीजों को एक्सपायर्ड ब्लड भी चढ़ाया गया। दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। मनकापुर निवासी रूपाली ने आरोप लगाया था कि 11,500 रुपये में दो यूनिट एक्सपायर्ड खून दिया गया। इससे उनकी 9 वर्षीय बेटी सिद्धि की मौत हो गई। वहीं, खरगूपुर निवासी वली मोहम्मद ने भी आरोप लगाया था कि 12,500 रुपये में दो यूनिट खून चढ़ाया गया। इससे उनके मरीज की मौत हो गई।
गिरोह निजी अस्पतालों से जुड़े कुछ दलालों के माध्यम से मरीजों तक पहुंचता था। मुख्तार, शिवम शुक्ला, विजय, साहबे आलम, ऋषिकेश अवस्थी और बृजेश कुमार शुक्ला इस नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं। ये जरूरतमंद मरीजों को महंगे दामों पर खून उपलब्ध कराते थे। साक्ष्य जुटाने के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।










