बिजनौर (यूपी)। जिला अस्पताल में फर्जी डॉक्टर मरीजों को दवा देते हुए मिला। वह सहायक आचार्य डा. तुषार की मोहर लगाकर गंभीर मरीजों को दवाइयां लिख रहा था। डा. तुषार उस समय वहां मौजूद नहीं थे। एक चिकित्सक ने डा. तुषार से फोन कर पूछा तो उन्होंने उसे अपना असिस्टेंट बताया। मौका पाकर फर्जी डॉक्टर खिसक गया। इसकी वीडियो भी वायरल हो रही है।

स्टाफ के मुताबिक काफी लंबे समय से यहां ओपीडी कक्ष संख्या 25 में टीबी एवं छाती विशेषज्ञ डॉ. तुषार सिंह की मोहर लगे पर्चों पर मरीजों को दवाइयां लिखी जा रही थीं। दो-दो महीने पुराने मरीजों को सीएसटी लिखकर वही दवाइयां लिखी जा रही थी।

यह है मामला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दवा लिखे पर्चे आने पर उन्हें शक हुआ। चीफ फार्मेसिस्ट राजेश रवि व अन्य फार्मेसी स्टाफ ने कक्ष 25 में जाकर देखा तो वहां डॉ. तुषार मौजूद नहीं थे। न ही कोई अन्य जूनियर रेजिडेंट था। डॉ. तुषार की मोहर मरीजों के पर्चों पर लगाकर मुंह पर मास्क लगाए एक अनजान व्यक्ति दवाइयां लिखते हुए मिला। स्टाफ के पूछने पर उसने खुद को डॉ. तुषार का असिस्टेंट बताया। लेकिन खुद के डॉक्टर होने अथवा अस्पतालकर्मी होने से इंकार किया। हंगामा होने पर वहां अस्पताल के अन्य चिकित्सक भी आ गए।

एक चिकित्सक ने डॉ. तुषार को फोन लगाकर पूछा तो उन्होंने उक्त व्यक्ति को अपना असिस्टेंट बताया। उसका नाम डॉ. तुषार ने दिनेश बताया और कुछ ही देर में स्वयं अस्पताल पहुंचने की बात कही। इसी दौरान मौका पाकर कथित फर्जी चिकित्सक वहां से खिसक गया। चीफ फार्मेसिस्ट राजेश रवि ने स्वीकार किया कि वह दवाई लिख रहे व्यक्ति को देखने पहुंचे तो उक्त व्यक्ति डा. तुषार नहीं था।