पंचकूला (हरियाणा)। नकली दवा के मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) हरियाणा ने नकली दवाओं के मामलों में कुल 16 गिरफ्तारियां की हैं। इनमें से सबसे अधिक 12 गिरफ्तारियां एफडीए गुरुग्राम की टीम ने की हैं। टीम ने कई नकली दवा गिरोहों का भंडाफोड़ करते हुए लगभग 70 लाख की नकली दवाएं जब्त की हैं। गैर-कानूनी परिसरों से 323 किस्म की एलोपैथिक दवाएं बरामद की हैं।
विभाग को सबसे बड़ी सफलताओं में से एक अप्रैल 2026 में मिली। एफडीए गुरुग्राम ने नकली मौनजारो इंजेक्शन रैकेट का भंडाफोड़ किया। गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-IV और सेक्टर-69 में छापेमारी कर करीब 70 लाख रुपये के नकली मौनजारो इंजेक्शन जब्त किए। इस कार्रवाई में अवि शर्मा और मुजम्मिल खान को गिरफ्तार किया गया। ये जमानत याचिका खारिज होने के बाद न्यायिक हिरासत में हैं। मौनजारो इंजेक्शन का इस्तेमाल डायबिटीज और वजन घटाने के लिए किया जाता है।
जुलाई 2026 में विभाग ने नकली टेल्मा-एएम गोलियों का कारोबार करने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त किया। आपूर्ति शृंंखला का सुराग दिल्ली के एक बिना लाइसेंस वाले थोक प्रतिष्ठान तक पहुंचा। जांच के दौरान आरोपी सुव्रत को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से जुबेर को गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच में प्रसिद्ध फार्मास्यूटिकल कंपनी के एक और नकली उत्पाद ‘तोफाजैक 5 एमजी’ का खुलासा हुआ।
अधिकारियों ने दिल्ली में आवासीय परिसर से संदिग्ध रूप से नकली 323 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं बरामद कीं। ये स्टेरॉयड जिम में युवाओं को बेचे जाते थे। इस मामले में जांच जारी है। आरोपी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार आरोपी का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच जारी है।










