भरतपुर (राजस्थान)। आरजीएचएस दवा घोटाले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, अपेक्स डेंटल एवं कशिश फार्मेसी के माध्यम से आरजीएचएस योजना के अन्तर्गत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस घोटाले में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

रिपोर्ट के अनुसार पांच सदस्यीय कमेटी ने 26 मार्च से 28 मार्च के बीच जांच की थी। जांच में सामने आया कि जनता क्लिनिक के प्रभारी डॉ. विकास फौजदार, अपेक्स डेंटल अस्पताल के संचालक डॉ.मनीष गोयल एवं कशिश फार्मेसी के मालिक राकेश कुमार ने मिलीभगत से हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन किए। इससे सरकारी कोष को नुकसान पहुंचा।

कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सीएमएचओ ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। वित्त (व्यय) विभाग के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने भरतपुर में सम्बन्धित संस्थानों और लाभार्थियों के दस्तावेजों की गहनता से जांच की। जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गौरव कपूर ने पुलिस को रिपोर्ट सौंपी।

कमेटी में ये रहे शामिल

कमेटी में संयुक्त निदेशक (राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग) गौरव कुमार ,संयुक्त परियोजना निदेशक (आरजीएचएस) अभिषेक सिंह किलक, (सहायक औषधि नियंत्रक ) चैतन्य प्रकाश पवार शामिल रहे। इनके अलावा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के प्रतिनिधि डॉ. अविरल सिंह एवं सांख्यिकी अधिकारी (क्यूसीपीए) जयपुर खेमराज भी शामिल थे।