पीलीभीत। आयुर्वेदिक दवा स्फटिक और टंकन भस्म समेत पांच दवाएं फेल मिली हैं। इन दवाओं को आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदा गया था। पांच दवाओं को औषधि परीक्षण टीम ने अधोमानक करार देते हुए खारिज कर दिया है। आयुष मिशन और लोकल परचेज के माध्यम से आने वाली दवाओं की गुणवत्ता जांचना अनिवार्य है।
यह है मामला
दवाओं की गुणवत्ता को लेकर लापरवाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल में एलोपैथिक दवा फेल होने के बाद अब आयुर्वेदिक दवा के भी सैंपल फेल हुए है। राजकीय आयुर्वेदिक कालेज की अपनी फार्मेसी होने के बावजूद वहां से समय पर सप्लाई नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में एक माह पूर्व स्फटिक भस्म, टंकन भस्म, श्वेता पार्पति, लशुनादि वटी, लवंगादि वटी दवाओं का टेंडर निकाला गया। जब संबंधित फर्म ने दवाओं की सप्लाई दी, तो औषधि परीक्षण टीम ने जांच की। जांच टीम ने पाया कि दवाओं का रंग, गंध और उनका रासायनिक फार्मूला मानकों के अनुरूप नहीं है।
प्रभारी डा. गणेश कुमार ने कहा कि इस पर दवाओं को अधोमानक घोषित कर दी गई। आयुर्वेदिक प्रशासन ने संबंधित फर्म के डीलर को निर्देशित किया है कि वह तत्काल अस्पताल से अपना स्टाक वापस उठा ले। परीक्षण कमेटी ने पांच दवाओं के नमूने फेल पाए। नियमों के तहत इन दवाओं को संबंधित फर्म को वापस कर दिया है। साथ ही फर्म को कड़ी चेतावनी दी गई है। यदि दोबारा दवाओं की गुणवत्ता में कोई कमी मिली तो फर्म का टेंडर कैंसिल कर दिया जाएगा।










