नई दिल्ली। दवा की अवैध ऑनलाइन बिक्री पर अब रोक लग सकेगी। इसके लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने प्लान बनाया है। कुछ दवाओं को बिना डाक्टर की पर्ची के खरीदा-बेचा नहीं जा सकता। लेकिन अवैध तरीके से इन दवाओं की आनलाइन खरीद बिक्री बड़ी समस्या है। दवाओं की ऑनलाइन तस्करी रोकने के लिए एनसीबी ने समन्वित आपरेशन- वाइप – शुरू किया है।

आनलाइन तस्करी के 122 मामलों की पहचान की गई। एनसीबी ने कहा कि उसने वाइप के तहत कुछ आनलाइन प्लेटफार्मों को नोटिस जारी किए हैं। इसमें उन्हें तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। एनडीपीएस के तहत विनियमित उत्पादों की सूची साझा की गई है। इससे ऐसी सूचियों की पहचान और उन्हें हटाने में मदद मिल सकेगी।

इस संबंध में इंडिया मार्ट, ट्रेडइंडिया और डायल4ट्रेड जैसे आनलाइन प्लेटफार्म ने कुछ उपाय किए हैं। इनमें संदिग्ध विक्रेताओं को निलंबित करना शामिल है। एनसीबी ने 62 प्रतिबंधित पदार्थों से जुड़े 122 मामलों की पहचान की है। इनमें क्लोनाजेपम, डायजेपम और फेंटानिल जैसी दुरुपयोग की जाने वाली दवाएं शामिल हैं। यह पहल आपरेशन मेड-मैक्स की सफलता पर आधारित है।