आदिलाबाद (तेलंगाना)। अवैध टर्मिन इंजेक्शन रैकेट का भंडाफोड़ करने में पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने मेफेनटरमाइन सल्फेट इंजेक्शन आईपी की अवैध बिक्री का मामला पकड़ा है।

इसे टर्मिन के नाम से बेचा जा रहा था। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। चार अन्य की तलाश शुरू कर दी है। इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार किए लोगों में आरएमपी सिंधे जगन्नाथ, सैयद कमरुद्दीन और एक अन्य आरोपी शामिल हैं। यह पहले से ही पुलिस हिरासत में था। फरार चल रहे चारों आरोपी रमेश गौड़, समीर, इरफान खान और मुकीद हैं।

जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने चिकित्सा एजेंसियों और फार्मेसियों से कम कीमत पर इंजेक्शन खरीदे। इसके बाद उन्होंने प्रतिबंधित दवा को गांजा उपयोगकर्ताओं और अन्य लोगों को 1,500 रुपये प्रति शीशी तक की कीमत पर अवैध रूप से बेचा, जबकि अधिकतम खुदरा मूल्य लगभग 390 रुपये है। पुलिस ने आरटीसी बस स्टैंड के पास वाहन जांच के दौरान इस रैकेट का पर्दाफाश किया।

जांच दल को देखते ही आरएमपी डॉक्टर ने भागने की कोशिश की। अधिकारियों ने उसका पीछा कर पकड़ लिया। इस दौरान पुलिस ने टर्मिन इंजेक्शन की 50 शीशियां, 190 इंसुलिन सिरिंज, दो मोबाइल फोन और एक स्कूटर जब्त किया। पुलिस अधीक्षक अखिल महाजन ने कहा कि मेफेनटरमाइन इंजेक्शन नियंत्रित दवाएं हैं। इनका उपयोग केवल चिकित्सकों द्वारा शल्य चिकित्सा के दौरान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इनकी अवैध बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।