तिरुवनंतपुरम (केरल)। दिव्या फार्मेसी के खिलाफ कानूनी लड़ाई में सरकार की मंजूरी मिल गई है। इसमें राज्य औषधि नियंत्रण विभाग को सफलता हासिल हुई है। बाबा रामदेव द्वारा प्रवर्तित दिव्या फार्मेसी के खिलाफ 29 मुकदमों को आगे बढ़ाया जाएगा।
ड्रग कंट्रोलर के. सुजीत कुमार ने अदालतों को मुकदमे के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रवर्तन अधिकारियों को मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। 2025 में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद दायर मामलों को ही पुलिस को ट्रांसफर करने को कहा है।
राज्य नियामक ने दवा कंपनी की विवादास्पद विपणन रणनीतियों कोचुनौती दी है। केरल पहला राज्य था, जिसने कंपनी को अदालत में घसीटा। जबकि उत्तराखंड में इसी तरह के मामलों को कमजोर कर दिया गया था।
इस मुकदमेबाजी की शुरुआत 2023 में हुई थी। जब कन्नूर स्थित स्वास्थ्य कार्यकर्ता डॉ. बाबू केवी ने शिकायत दर्ज करवाई थी। जांच में पता चला कि पतंजलि की दिव्या फार्मेसी ने बीमारी संबंधी इलाज के भ्रामक विज्ञापन किए थे। परिणामस्वरूप कंपनी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए।










