नई दिल्ली। कैंसर की सस्ती दवा लाने की तैयारी में भारतीय फार्मा कंपनियां जुटी हैं। इम्यूनोथेरेपी की दवा कीट्रूडा की कीमत ज्यादा होने से ये आम आदमी की पहुंच से दूर है। अब भारतीय दवा कंपनियां इस बाधा को तोडऩे के लिए तैयार हैं।

अमेरिकी कंपनी मर्क के पेटेंट की समय-सीमा करीब आ रही है। इससे भारतीय बाजार में इसकी सस्ती दवा लाने की तैयारी शुरू हो गई है। आज 200 मिलीग्राम की कीमत 3 लाख रुपए से अधिक है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मूल दवा का मुख्य पेटेंट 2028 के आसपास समाप्त होने वाला है। भारतीय कंपनियां 2027 की शुरुआत तक इसके बायोसिमिलर वर्जन को बाजार में उतारेंगी। नियामक मंजूरियां मिलते ही इसके उत्पादन में तेजी आएगी।

क्या होगी इसकी कीमत?

जब 7 कंपनियां एक साथ बाजार में उतरेंगी तो प्रतिस्पर्धा से दाम गिरेंगे। भारत में बनने के कारण आयात शुल्क खत्म हो जाएगा। इसकी कीमत आज के बाजार मूल्य से 80 फीसदी तक कम हो सकती है। इससे कई परिवारों को नया जीवनदान मिलेगा।

कैंसर के कौन से प्रकारों में काम आएगी कीट्रूडा?

फेफड़ों का कैंसर।
मेलानोमा (त्वचा के कैंसर)।
सिर और गर्दन का कैंसर।
किडनी और मूत्राशय का कैंसर।
ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर।