नई दिल्ली। भारतीय फार्मा निर्यात ने 6.8 प्रतिशत की छलांग लगाई है। अमेरिकी टैरिफ से भारत के फार्मा निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पडऩे की हालिया चिंताओं के बावजूद यह सफलता मिली है। भारत के दवा निर्यात में अप्रैल-जून वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान यह वृद्धि हुई। यह 8.10 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 7.58 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

फार्मास्युटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (फार्मेक्सिल) ने निर्यात डेटा जारी किया है। कहा कि यह वृद्धि वैश्विक बाजारों में भारत के दवा निर्यात की निरंतर मजबूती को दर्शाती है। जून वित्त वर्ष 2027 में निर्यात की गति और मजबूत हुई। इसमें दवाइयों का निर्यात 7.13 फीसदी बढक़र 2.81 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। जून वित्त वर्ष 2026 में यह 2.62 अरब अमेरिकी डॉलर था।

इस तिमाही के दौरान, दवा निर्माण और जैविक उत्पाद भारत के दवा निर्यात में अग्रणी बने रहे। इन्होंने 5.98 बिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान दिया। कुल निर्यात का 73.85 फीसदी हिस्सा रहे। इस श्रेणी में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4.14 की वृद्धि दर्ज की गई। इसने भारत के दवा निर्यात में अपना दबदबा बनाए रखा।