90 प्रतिशत लोगों को बचा सकता है फॉर्मूला 80

नई दिल्ली : इंडियन मंडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मनोनीत राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल के मुताबिक 90 प्रतिशत लोगों को बुरी आदतों की वजह से ही हार्ट अटैक आता है। लेकिन उनके फॉर्मूला-80 में इससे निजात का तोड़ छूपा है। युवाओं की जीवनशैली में आहार के रूप में जंक फूड, तनावपूर्ण नौकरी, व्यायाम और नींद की कमी और सिगरेट व शराब पर अत्यधिक निर्भरता शामिल है। अगर इस जीवनशैली से होने वाले खतरों से युवाओं को परिचित करवाया जाए और समय रहते जीवनशैली में बदलाव किया जाए तो दिल के दौरे से बचा जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि धूम्रपान छोडऩे से दिल के दौरे और स्ट्रोक दोनों का खतरा कम हो जाता है। धूम्रपान छोडऩे के एक साल के अंदर-अंदर ही दिल के दौरे और मौत का खतरा आधा रह जाता है।
जानें, आईएमए अध्यक्ष के फॉर्मूले में छिपे राज
  • निम्नतम रक्तचाप, बुरे कोलेस्ट्रॉल का लेवल, आराम करने के दौरान धडक़न, खाली पेट शुगर लेवल और कमर का साइज सभी 80 से कम रखने चाहिए।
  • गुर्दों और फेफड़ों की कार्यप्रणाली 80 प्रतिशत तक बनाए रखें।
  • नियमित तौर पर व्यायाम करें। दिन में 80 कदम हर रोज सैर करें।
  • हर आहार में 80 ग्राम से ज्यादा कैलोरी न लें। उच्च फाइबर, कम सैचुरेटेड फैट्स, कम रिफाइंड कार्बोहाइडेट्स और नमक वाला आहार लें।
  • साल में 80 दिन अनाज का उपवास रखें।
  • दिन में प्राणायाम के 80 चक्र करें।
  • आराम करने, ध्यान लगाने और दूसरों की मदद करते हुए अपने आप के साथ दिन में 80 मिनट बिताएं।
  • धूम्रपान न करें या फिर इलाज के लिए 80,000 रुपये खर्च करने के लिए तैयार रहें।
  • जो लोग शराब का सेवन करते हैं और छोडऩा नहीं चाहते, वे प्रतिदिन 80 एमएल से ज्यादा शराब न पीएं। महिलाएं पुरुषों के मुकाबले 50 प्रतिशत कम सेवन करें और एक हफ्ते में 80 ग्राम से ज्यादा न लें। 30 एमएल शराब में 10 ग्राम अल्कोहल होता है या 80 प्रूफ लीकर में एक औंस होता है।
  • बचाव के लिए एस्प्रिन की सलाह दी गई हो तो 80 एमजी की ही डोज लें और डॉक्टर के कहने पर ही 80 एमजी एटोरवॉस्टाटिन प्रयोग करें।