अब नहीं होगा दवा रिटेलरों का आर्थिक शोषण

अम्बाला। राष्ट्रीय संगठन ने जीएसटी की त्रुटियों के चलते रिटेलरों के हो रहे शोषण को समाप्त करवाने में बड़ी सफलता पाई है। देशभर की करीब 50 से अधिक बड़ी दवा निर्माता कम्पनियों ने रिटेलरों की परेशानी को समझते हुए लिखित रूप में राष्ट्रीय संस्था एआईओसीडी को आश्वस्त किया कि वे कोई कटिंग नहीं करते। अत: रिटेलर को भी पूरा हक मिलना ही चाहिए ।
उल्लेखनीय है कि देशभर से जीएसटी की आड़ में रिटेलरों द्वारा दी जाने वाली ब्रेकेज, एक्सपायरी पर 40 से 50 फीसदी तक की कैंची चल जाती थी, जिस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एचएससीडीए के द्वारा राष्ट्रीय संगठन को उचित निर्णय लेने के लिए कई बार सम्पर्क किया। तब कहीं राष्ट्रीय संगठन ने दवा निर्माताओं की बैठक में ये मुद्दा उठाया। कई दवा निर्माताओं ने उसी समय अपनी सहमति प्रकट की तथा लिखित में भी दे दिया। कुछ ने अपने कार्यालय से पत्र जारी किए। इससे रिटेलरों का आर्थिक शोषण भी रुक जाएगा तथा रिटेलरों का आर्थिक उत्थान भी हो सकेगा। हरियाणा से उठी आवाज का देशभर के रिटेलरों को लाभ मिलेगा। वहीं, जीएसटी में ब्रेकेज एक्सपाइरी का बिल जारी करने की समस्या का भी हल निकल आया। अब मात्र चालान से ही ब्रेकेज एक्सपायरी दवा निर्माता को जाएगी। इससे ड्रग्स एन्ड कॉस्मेटिक एक्ट की उल्लंघना से निजात मिल गई।