दवा उद्योग पर एनपीपीए की ‘टेढ़ी नजर’

कई जीवन रक्षक दवाओं के दाम किए तय
सोलन। नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने दवा उद्योगों और मेडिकल स्टोर मालिकों की मनमानी पर रोक लगाते हुएकई जीवन रक्षक दवाओं के दाम तय कर दिए हैं। अब इन्हें निर्धारित मूल्यों से ज्यादा में नहीं बेच सकेंगे। इससे जरूरतमंद लोगों को फायदा होगा। एनपीपीए ने जिन दवाओं के दाम तय किए हैं, उनमें खारीश, चमड़ी व मुंह के इन्फेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाली नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी की क्लोट्रीमाजोल क्रीम (एक ग्राम) के अलावा बैक्टिरियल इंफेक्शन के लिए उपयोगी सेफ्ट्राग्जोन पाउडर फॉर इंजेक्शन शामिल हैं। इसका एक पैक बाजार में अलग-अलग ब्रांड से 72 से 92 रुपए में बेचा जा रहा था। अब इसकी कीमत 48.74 रुपए निर्धारित कर दी है।
इसी तरह, एनीमिया व गुर्दे फेल होने के बाद आयरन की कमी के लिए इस्तेमाल होने वाले इरिथ्रोपोइटइन 2000 आइयू प्रति एमल की कीमत अब 582.98 रुपए तय कर दी गई है। इसे करीब 32 दवा उद्योग अलग-अलग नामों से बना रहे हैं और बाजार में इसे 750 से 900 रुपए में बेचा जा रहा था। इरिथ्रोपोइटइन 10000 आइयू प्रति एमएल का मूल्य अब 2461.35 प्रति पैकेट किया गया। यह बाजार में 2400 से 3600 रुपए प्रति पैक बिक रहा था। इस बारे में नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) में सहायक निदेशक बलजीत सिंह का कहना है कि देश में एक ही दवा को अलग-अलग दवा उद्योगों द्वारा कई ब्रांड के नाम से बाजार में उतारने और उन्हें मनमाने दामों पर बेचा जाता रहा है। अब कई कंपनियों में बनने वाली दवाओं के दाम तय कर दिए हैं। इन्हें निर्धारित मूल्य पर ही बेचा जा सकेगा।