स्टेरॉयड : जवानी बर्बाद कर रहे गुमराह युवा, बीमारियों को मिल रहा मौन आमंत्रण

डॉ रविकांत
डॉ रविकांत

लखनऊ : एक युवक की हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद कई सवालों से जूझने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ रविकांत जैन का मानना है कि युवाओं के बीच शारीरिक रूप से अच्छा दिखने की हवस उन्हें स्टोरॉयड या अनाबॉलिक स्टेरॉयड की ओर खींच रही है।

वे मानते हैं कि युवा गलत तरीके से इसका प्रयोग कर रहे हैं जो गैरकानूनी भी है, लेकिन सबसे बड़ा दुष्प्रभाव उनके शरीर पर पड़ रहा खराब असर है। इसके कारण एक बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है और युवाओं का शरीर बुढ़ापे से पहले ही कई मायनों में बेकार होता जा रहा है।

इस कड़ी में हम यह समझने का प्रयास करेंगे कि डॉ रविकांत एस्ट्रॉयड के किन साइड इफेक्ट्स की बातें कर रहे हैं जिसके कारण इंसान के शरीर में हड्डी रोग बढ़ता जा रहा है, या उनके शरीर में और भी हेल्थ इश्यूज रिपोर्ट की जा रही हैं। डॉ रविकांत जैन एक ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं और पिछली कड़ी में हमने आपको बताया था कि एक युवक की हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद उनके मन में कौन से गंभीर सवाल उठे थे।

डॉ रविकांत बताते हैं कि कई बार लोग एनाबॉलिक स्टेरॉयड का भी उपयोग करते हैं जो गैरकानूनी है। इनका उपयोग युवा मसल्स बनाने में करते हैं। इसके अलावा एथलेटिक क्षमता बढ़ाने (दौड़-भाग करने में देर से थकना) के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसे क्लास सी ड्रग कहा जाता है और फार्मेसी में बिना डॉक्टर का पर्चा देखे, इसे बेचा नहीं जा सकता।

बकौल डॉ रविकांत, आमतौर से स्टेरॉयड का जो साइड इफेक्ट होता है उससे भूख बढ़ती है, अचानक लोगों का मूड चेंज होने लगता है, सोने के पैटर्न में बदलाव होता है। स्टेरॉयड का उपयोग अस्थमा, अर्थराइटिस के अलग-अलग प्रकार- टेनिस एल्बो, फ्रोजन शोल्डर जैसी जोड़ों की समस्याओं के इलाज के दौरान किया जाता है, लेकिन इसकी एक संतुलित और सीमित मात्रा डॉक्टर की निगरानी में ली जाती है।

डॉ रविकांत बताते हैं कि ऑपरेशन करते समय उनके मन में यह ख्याल आया कि एनाबॉलिक स्टेरॉयड का इतना साइड इफेक्ट होने के बाद भी युवाओं के बीच या इतना लोकप्रिय कैसे है ? साइड इफेक्ट के बारे में डॉ रविकांत ने बताया कि आमतौर से पेट दर्द बना रहता है, लेकिन एनाबॉलिक स्टेरॉयड के कारण स्पर्म काउंट में कमी, बांझपन, गंजापन, प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।

उन्होंने बताया कि अगर महिलाएं अनाबॉलिक स्टेरॉयड का सेवन करें तो उनको पीरियड्स के साथ समस्याएं हो सकती हैं। बाल झड़ना, आवाज में भारीपन, सेक्स करने की इच्छा बढ़ना, और वक्षस्थल कमजोर होने जैसे साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

डॉ रविकांत ने बताते हैं कि महिलाओं के चेहरे पर बाल आने की समस्या सबसे आम है। इसके अलावा उन्होंने कहा, एनाबॉलिक स्टेरॉयड के कारण मनोवैज्ञानिक समस्याएं भी होती हैं। इस्तेमाल करने वाले युवक-युवती आक्रामक व्यवहार करने लगते हैं। उन्होंने बताया कि साइड इफेक्ट के कारण मानसिक उन्माद यानी पागलपन जैसी स्थिति भी फोन हो सकती है। इसके अलावा आप बाइपोलर डिसऑर्डर जैसी चीजों के भी शिकार हो सकते हैं, मतलब आपको अधिक प्यास लगने लगेगी, हाथों में हल्की कंपकंपी रह सकती है। थायरॉयड नाम की ग्रंथी प्रभावित होती है। वजन बढ़ने लगता है।

एनाबॉलिक स्टेरॉयड के खतरों के बारे में डॉ रविकांत बताते हैं कि मेडिकल साइंस में देखा गया है कि अत्यधिक मात्रा में इसके इस्तेमाल से हार्ट अटैक, लिवर और किडनी की समस्याएं, हाई ब्लड प्रेशर, खून के थक्के जमना और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। धीरे-धीरे आपके कई अंग प्रभावित होने लगते हैं।

डॉ रविकांत बताते हैं कि अनाबॉलिक स्टेरॉयड एडिक्टिव है। इसका मतलब यह हुआ कि आप इसके आदी हो जाते हैं और आप किसी भी कीमत पर इसे हासिल करना चाहते हैं।

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