रोहतक पीजीआई में फिर छायेगा सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स का संकट, बढ़ने वाली हैं मरीजों की मुश्किलें, क्योंकि …

रोहतक। रोहतक पीजीआइ में एक बार फिर मुसीबत आने वाली है जिसकी वजह से मरीजों की मुश्किलें बढ़ जाएँगी। दरअसल पीजीआई में वीआरएस मांगने वाले सुपरस्पेशलिस्ट की कतार लगी हुई है। अभी यह कतार और भी लंबी होने वाली है क्योंकि चर्चा है कि बहुत जल्द सर्जरी विभाग के तीन व मेडिसिन विभाग के एक चिकित्सक वीआरएस लेंगे।

जिस प्रकार का ट्रेंड रोहतक पीजीआइ में फिलहाल बना हुआ है, उससे लग रहा है कि बहुत जल्द यहां पर सुपरस्पेशलिस्ट ढूंढने पर मिलेगा। कुटेल में बनने वाले मेडिकल कालेज के बाद ही सुपरस्पेशलिस्ट के लिए अलग से नीति बनाने की बात हो रही है लेकिन ऐसा लग रहा है कि तब तक शायद ही कोई सुपरस्पेशलिस्ट पीजीआइ रोहतक में रहेगा। जिस प्रकार गलत ट्रेंड पीजीआइ में चल पड़ा है, उसे रोकने में प्रबंधन नाकाम दिखाई दे रहा है।

एंडोक्रिनोलाजिस्ट डा. राजेश राजपूत ने एक मार्च को वीआरएस मांगी है। 30 मई को उनका कार्यकाल पूरा हो रहा है। उसके बाद शुगर व थायराइड के मरीजों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। डा. राजेश राजपूत के बाद इस कतार में मेडिसिन विभाग के ही डा. हरप्रीत वीआरएस मांग चुके हैं। वहीं इससे पहले हड्डी रोग विभाग के एचओडी डा. आरसी सिवाच ने वीआरएस के लिए आवेदन किया था। जिनका एक मई को कार्यकाल पूरा हो रहा है।

पीजीआइ से डा. राजेश राजपूत के चले जाने के बाद एंडोक्रिनोलाजिस्ट नहीं रहेगा। इससे पहले डा. समीर अग्रवाल भी तीन साल पहले वीआरएस लेकर जा चुके हैं। सुपर स्पेशलिस्ट के पीजीआइ से मोहभंग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है तो दो चिकित्सक तो बांड तोड़कर 35 लाख रुपये का जुर्माना जमा करवा कर गए हैं। जिसमें डा. आरके यादव व डा. अमित यादव शामिल हैं। डा. आरके यादव ने यहां से जाने के बाद दिल्ली एम्स को ज्वाइन किया है व डा. अमित यादव किसी निजी अस्पताल में हैं।

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