मानव अंग तस्करी करने वाले गिरोह के तार सोनीपत- रोहतक से जुड़े, गोहाना के अस्पताल में पड़ी रेड

गोहाना। मानव अंग तस्करी करने वाले गिरोह के तार हरियाणा के सोनीपत के गोहाना से जुड़ गए हैं। दिल्ली पुलिस ने रविवार को गोहाना में पानीपत रोड स्थित खानपुर मोड़ के निकट श्री रामचंद्रा हास्पिटल में रेड की। टीम ने कई घंटे तक अस्पताल में जांच की। पुलिस ने अस्पताल से सामान जब्त किया और अस्पताल के संचालक समेत दो लोगों को पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर गई।

स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई पांच से छह घंटे चली। जानकरी के मुताबिक, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम हॉस्पिटल से भारी मात्रा में सबूत ले गई है। दरअसल, दिल्ली के रहने वाले एक शख्स ने पुलिस को शिकायत दी थी कि गोहाना में स्थित रामचंद्रा हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट का धंधा चलता है।  यहां किडनी बदलने के नाम पर लाखों रुपये लोगों से ऐंठा जाता है। इसी सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस ने हॉस्पिटल में छापेमारी की।

बताया जा रहा है कि दिल्ली कुछ दूर होने के कारण यहां दिल्ली से डॉक्टर आकर किडनी निकालने व डालने का काम करते थे। इस मामले में दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर रही है। आसपास के लोगों ने बताया कि यहां रात-रात भर गाड़ियां बाहर से आती जाती रहती थीं। यहां पर काफी दिनों से यह काम चल रहा था। थोड़ी से जगह में बने इस छोटे से हॉस्पिटल मानव अंग तस्करी का काम डेढ़ साल से चल रहा था।

जानकरी के मुताबिक,साउथ दिल्ली के हौज थाने की पुलिस मानव अंग तस्करी के मामले की जांच कर रही है। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे इंस्पेक्टर भरतलाल, रोहित की टीम गोहाना पहुंची। पुलिस के साथ एफएसएल और लैब विशेषज्ञों की टीम भी रही। पुलिस शिकायतकर्ता को अपने साथ लेकर आई। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने शहर थाना गोहाना से पुलिस की सहायता लेकर खानपुर मोड़ के निकट श्री रामचंद्रा अस्पताल में रेड की।

टीम ने शाम सवा छह बजे तक अस्पताल में रखे उपकरणों और रिकार्ड को बारीकी से खंगाला। टीम ने अस्पताल से विभिन्न तरह का सामान जब्त किया। पुलिस अस्पताल के संचालक डा. सोनू रोहिल्ला और एक अन्य व्यक्ति को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। बताया गया है कि शिकायतकर्ता के बताए अनुसार क्राइम सीन दोहराया गया। पुलिस ने अस्पताल पर ताला लगा दिया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि इस प्रकरण शामिल एक व्यक्ति गोहाना के एक होटल में भी रुका था। पुलिस की टीम अस्पताल में जांच के बाद होस्टल गई और वहां रुकने वाले व्यक्ति का रिकार्ड खंगाला। पुलिस की टीम ने जांच के दौरान अस्पताल में किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर नहीं जाने दिया। दिल्ली पुलिस की टीम ने किसी बाहरी व्यक्ति से भी कोई बात नहीं की। अस्पताल संचालक की इस मामले में क्या भूमिका है फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है। शहर थाना गोहाना के प्रभारी बदन सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने रेड के लिए सहायता मांगी थी। मानव अंग तस्करी के मामले में दिल्ली पुलिस जांच के लिए आई थी।

खानपुर मोड़ के आसपास के लोगों ने बताया कि श्री रामचंद्रा अस्पताल कोरोना काल में करीब दो साल पहले शुरू किया गया था। अस्पताल को डा. सोनू रोहिल्ला चलाते थे जो रोहतक के एक गांव के रहने वाले हैं। लोगों ने बताया कि कई महीने से यहां दिन के समय अस्पताल में कम ही लोग आते थे। यहां देर रात कुछ लोगों का आना-जाना होता था। लोग गाड़ियों में बैठकर आते थे।

दिल्ली पुलिस की टीम ने अस्पताल में कई घंटे तक जांच की। इस दौरान अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही। लोगों में जांच को लेकर कौतूहल बना रहा। शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि पुलिस ने रेड किस कारण की है। बाद में मानव अंग तस्करी का मामला सामने आया तो लोग हैरान रह गए।

गोहाना सिटी थाना पुलिस में तैनात एएसआई प्रदीप ने बताया कि हौज थाना दिल्ली से पुलिस यहां पर जांच के लिए आई थी। स्थानीय पुलिस ने उनको यहां पर सुरक्षा मुहैया करवाई। पुलिस टीम यह कार्रवाई  मानव अंग तस्करी के मामले में पानीपत रोड पर श्री राम चंद्रा हॉस्पिटल में की गई। टीम अपने साथ सबूत भी ले गई। इस मामले में दो लोगों को भी दिल्ली पुलिस अपने साथ लेकर गई है।

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