स्लम एरिया में रेंग रहा है टीकाकरण – बिहार

न जागरुकता अभियान, न शिविर, नतीजा 77 फीसदी बच्चों का टीकाकरण नहीं

पटना
राजधानी के स्लम एरिया में टीकाकरण अभियान की पोल खुल चुकी है। स्लम एरिया में बड़ी संख्या में बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं इन इलाकों में न तो जागरूकता अभियान चलाया जाता है, न ही कैंप लगाया जाता है। इसकी जानकारी उस वक्त मिली, जब अदालतगंज स्लम एरिया में डीएम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण में पता चला है कि 225 बच्चों में से 175 बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं यानी 77 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे टीकाकरण के लाभ से वंचित हैं।
ज्यादातर स्लम का यही हाल है। हालांकि डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए शहर के सभी स्लम में स्वास्थ्य विभाग को टीकाकरण के साथ जागरूकता अभियान चलाने को कहा है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को नवजात शिशुओं को टीकाकरण से होने वाले लाभ के बारे में बताया जाए। सभी संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और अस्पताल अधीक्षक को अपने पोषक क्षेत्र के अंदर आने वाले स्लम एरिया का भ्रमण करने को कहा गया है, साथ ही रिपोर्ट भी मांगी गई है।  सिविल सर्जन शहरी क्षेत्र के सभी स्लम एरिया के लिए स्वास्थ्य शिविर का कार्यक्रम निर्धारित करेंगे।
नगर क्षेत्र के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को कहा गया है कि वे अपने पोषक क्षेत्र के स्लम एरिया का भ्रमण करें और आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित करने की दिशा में एक सप्ताह के अंदर प्रस्ताव समर्पित करें।
स्लम एरियों को बीमारियों से दूर रखने के उद्देश्य से डीएम ने नगर निगम के सभी कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि सफाई पर विशेष ध्यान दें। गर्भवती महिलाएं, नवजात बच्चे और अन्य लडक़े-लड़कियों को कुपोषण के साथ गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण कार्य युद्ध स्तर पर अभियान के तौर पर चलाने की पूरी तैयारी की जा रही है। परिवार नियोजन के मुफ्त ऑपरेशन के लिए तिथि निर्धारित करने और रजिस्ट्रेशन डीएम कार्यालय में होगा।