दवा धंधे में ऑनलाइन अटैक: भारत के दवा बाजार पर ड्रग विभाग की सख्त निगरानी

नई दिल्ली: औषध नियंत्रक जनरल डॉ. जीएन सिंह के सख्त निर्देश हैं, जिसमें कुछ दवाओं का हवाला देते हुए लिखा गया है कि सभी राज्यों के ड्रग नियंत्रक अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध दवाओं की बिक्री और निर्माण पर विशेष निगरानी रखे। लेकिन जिस राजधानी दिल्ली में डॉ. सिंह बैठते हैं, सबसे ज्यादा ऐसी दवाओं की खपत उसी की भागीरथ मार्केट से हो रही है। कई दफा औषध विभाग ने छापामारी कर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन करने वालों को रंगे हाथ पकडक़र उनके कब्जे से अवैध दवाओं की बड़ी खेप जब्त की हैै।

पता चला है कि छूट के लालच में कैंसर, मधुमेह, हृदयघात, ब्रेन हेमरेज, आर्थराइटिस, आंखों के मरीज ई-कॉमर्स साइटों से ऑनलाइन दवा खरीदते हैं। इन बीमारियों की दवाएं कैमिस्ट शॉप के मुकाबले ऑनलाइन खरीदने पर आधी कीमत में मिल रही हैं। हैरानी की बात ये है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एवं औषध नियंत्रक विभाग की अनुमति के बिना ही करीब पांच दर्जन से अधिक दवाएं ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए मरीजों तक पहुंच रही हैं। ये दवाएं बिना जरूरी परीक्षण के ही बेची जा रही हैं जो सेहत के लिहाज से हानिकारक हैं। औषध नियंत्रक विभाग ने ऐसे 200 से अधिक नामचीन ब्रांड्स की दवाओं के रैपर और दवाएं जब्त की हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो बीते कुछ महीनों से कई दवाएं ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए अवैध तरीके से बिकने लगी हैं जिनके खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। केंद्रीय मानक नियंत्रण दवा संगठन की ओर से सभी राज्यों को अलर्ट जारी करते हुए दवाओं के ऑनलाइन बाजार पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्य सेवाओं के अतिरिक्तसचिव आरएन दास ने कहा कि बाजार में दवा आने से पहले उसकी गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच परख होती है। पिछले महीने की बात करें तो सितंबर में दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाई गई। ठीक इसी तरह अगस्त, जुलाई और जून में दवाएं टेस्ट में फेल हो चुकी हैं। मरीजों को भी जरूरत है कि वे दवाओं के प्रति जागरूक रहें।

जानकारी के मुताबिक, एक विदेशी कंपनी की दवा ओसिमर्टिनिब ओरल टेबलेट है। अभी तक इस दवा को भारत में मंजूरी नहीं मिली है। लेकिन ऑनलाइन वेबसाइट्स पर यह दवा की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। दवा की गुणवत्ता, सुरक्षा जैसे मानकों की जांच अभी होना बाकी है। इसलिए फिलहाल इस दवा को बगैर मंजूरी मार्केट में बेचना अपराध है। राज्यों के अलावा विभिन्न बंदरगाहों पर तैनात अधिकारियों को भी इस संबंध में अलर्ट कर दिया गया है। दवाओं के आयात-निर्यात को लेकर भी कड़ी निगरानी रखने के लिए कहा गया है।