यहां आने पर कैंसर से बचेंगे बच्चे

पंचकूला: पीजीआई चंडीगढ़ में हर साल रेडियोथैरेपी डिपार्टमेंट में 5 हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। साल दर साल कैंसर के मरीजों की संख्या पीजीआई में बढ़ती जा रही है। दो हजार से अधिक इंडोर पेशेंट के केस अतिरिक्त आ रहे हैं। पीजीआई में आने वाले कैंसर मरीजों में बच्चों से जुड़े केस ज्यादा पहुंच रहे हैं। बच्चों के लिए अलग से यहां चाइल्ड कैंसर सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल बनेगा तो न केवल उनकी बेहतर चिकित्सा होगी बल्कि इलाज में होने वाली देरी से बचा जा सकेगा।

हॉस्पिटल निर्माण के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से भी सहयोग लिया जाएगा। यह सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल न केवल देश बल्कि इंटरनेशनल स्तर की जरूरतें पूरी करेगा। एशिया में बच्चों के लिए स्पेशलाइज्ड कैंसर हॉस्पिटल नहीं है। आंकड़े के मुताबिक, एम्स दिल्ली में एक साल में 520 अंतरराष्ट्ररीय मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें से 35 प्रतिशत मरीज कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए आए थे। गृह सचिव अनुराग अग्रवाल ने पुष्टि करते हुए बताया कि बैठक में इस रीजन में बच्चों के लिए कैंसर हॉस्पिटल बनाने को लेकर मंथन हुआ। कैंसर हॉस्पिटल बनाने के लिए जमीन तलाशी जा रही है।

पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. जगत राम के मुताबिक, कैंसर पीडि़त बच्चों का अब भी इलाज होता है। लेकिन उन्हें अभी कैंसर इलाज के लिए कई जगह चक्कर काटने पड़ते हैं। लेकिन इस सेंटर के बनने के बाद बच्चों को एक ही जगह इलाज मिलेगा। यह देश का अपनी तरह का अनोखा-अद्भुत सुविधाओं से लैस अस्पताल होगा। सेंटर खुलने न केवल चंडीगढ़ रीजन बल्कि पूरे देश को फायदा होगा।