मेडिकल ऑफिसर बनेंगे इंचार्ज स्पेशलिस्ट

भोपाल। चिकित्सकों की प्रमोशन पर रोक के चलते प्रदेश में 2181 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। सरकार ने इन रिक्त सीटों को भरने के लिए बीच का रास्ता निकाला है। नए फार्मूले के तहत पात्र डॉक्टरों को इंचार्ज स्पेशलिस्ट का दर्जा दिया जाएगा। इन डॉक्टरों के इंचार्ज स्पेशलिस्ट बनने से 650 मेडिकल ऑफिसर के नए पद भरे जा सकेंगे। सीएम सचिवालय ने इसके लिए मंजूरी दे दी है।

गौरतलब है कि प्रदेश में ऐसे करीब 700 डॉक्टर हैं, जो एमबीबीएस होने के बाद पोस्ट ग्रेजुएट कर चुके हैं। इन्हें प्रमोशन मिल सकता है, लेकिन योग्यता के बावजूद ये मेडिकल ऑफिसर के रूप में ही डॉक्टरी कर रहे हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने इनकी प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगा रखी है। इस कारण सरकार इन्हें प्रमोशन नहीं दे सकती। अब सरकार प्रमोशन की पात्रता रखने वाले मेडिकल ऑफिसरों को इंचार्ज डॉक्टर बनाने जा रही है। ये डॉक्टर बतौर स्पेशलिस्ट मरीजों का इलाज करेंगे। इससे मेडिकल ऑफिसर के पद खाली हो जाएंगे। सरकार के पास मेडिकल ऑफिसर को नौकरी पर रखने का अधिकार है। सरकार लोक सेवा आयोग (पीएससी) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के जरिए परीक्षा और इंटरव्यू के बाद मेडिकल ऑफिसरों को नौकरी दे सकेगी। इस तरह 650 डॉक्टरों की कमी पूरी हो जाएगी।