स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी से बड़ा पर्दाफाश

नई दिल्ली। स्वास्थ्य विभाग की दिल्ली व हरियाणा टीम ने संयुक्त रूप से मयूर विहार इलाके में छापामारी कर लिंग जांच करने वाले एक क्लीनिक का पर्दाफाश किया है। स्थानीय एसडीएम अजय अरोड़ा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर रोहतक से एक नकली ग्राहक तैयार किया। ग्राहक ने दिल्ली में मौजूद दलालों से संपर्क साधकर लिंग जांच कराने की बात चलाई। जांच कराने का मामला 20 हजार रुपए में तय हुआ।

योजनानुसार दलालों ने ग्राहक को शादीपुर मेट्रो स्टेशन बुलाया। शादीपुर पहुंचने पर उसे अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन बुलाया। जहां पहुंचने पर उन्होंने गाड़ी बदली और फिर नई गाड़ी से मयूर विहार स्थित क्लीनिक पहुंचे। जहां ग्राहक से 20 हजार रुपए लेकर जांच शुरू की गई। इसी दौरान टीम ने छापा मारकर सभी आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने स्थानीय एसडीएम की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर क्लीनिक संचालक महिला डॉ. मनीषा और दलाल चन्द्रा व बलवीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम क्लीनिक पर आने वाले मरीजों के डाटा की जांच कर रही है जिससे इस बारे में जानकारी जुटाई जा सके कि यहां लिंग जांच का यह धंधा कितने सालों से चल रहा था, और कितने लोगों ने अब तक यहां जांच कराई है।

एसडीएम अरोड़ा के अनुसार करीब एक साल पहले भी मयूर विहार इलाके में लिंग जांच होने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर कई क्लीनिकों में जांच की गई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की ओर से एक और शिकायत मिली। इस पर कार्रवाई करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पीएनडीटी एक्ट के दिल्ली के नोडल अफसर डॉ. विकास व हरियाणा के डॉ. संजीव मलिक की संयुक्त टीम बनाई गई। इस टीम ने पुलिस के साथ मिलकर मयूर विहार स्थित एक क्लीनिक पर छापा मारा, जहां लिंग जांच कराई जा रही थी। टीम ने यहां डॉक्टरों व दो दलालों को रंगे हाथों पकड़ लिया।