प्रिंटिंग प्रेस की आड़ में नशे की गोलियां बेचने के धंधे का पर्दाफाश

टोहाना। औषधि विभाग की टीम ने स्थानीय सपड़ा मोहल्ले में प्रिंटिंग प्रेस की आड़ में चल रहे गर्भपात व नशे की गोलियां बेचने के धंधे का पर्दाफाश किया है। टीम को मौके से एमटीपी की 3 किट मिली हैं। इसके अलावा नशे की दवाओं के बिल मिले हैं, जो प्रिंटिंग प्रेस संचालक ने दिल्ली व गुजरात से मंगवाई थी। टीम ने सारे सामान को जब्त करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि प्रिंटिंग प्रेस संचालक अपना पूरा धंधा व्हाट्सएप के माध्यम से चला रहा था। यहीं पर उसे आर्डर आता था और वह डिलीवरी करता था।
विभाग की टीम ने करीब 5 घंटे तक वहां पर कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर निरुपन गोयल के नेतृत्व में फतेहाबाद, सिरसा व हिसार के ड्रग कंट्रोलरों की टीम मिलन चौक पर स्थित गुरु कृपा मेडिकल शॉप पर पहुंची। यहां पता चला कि यह शॉप पिछले कई दिनों से बंद है। इसके बाद टीम सपड़ा मोहल्ले में स्थित अराध्या प्रिंटिंग प्रेस पर पहुंची। टीम ने प्रेस का रिकार्ड खंगालना आरंभ किया तो यहां पर नशे की दवाओं के बिल मिले। साथ ही एमपीटी की 3 किटें भी मौके से बरामद हुई।
मौके पर प्राप्त बिलों के बारे में प्रिंटिंग प्रेस संचालक चंदन टीम को कोई भी जानकारी नहीं दे पाया। इस पर टीम ने एमटीपी किटों व नशे की दवाओं के बिलों को अपने कब्जे में ले लिया। टीम में फतेहाबाद के ड्रग कंट्रोलर राकेश छोक्कर, हिसार के डीसीओ सुरेश चौधरी व सिरसा के ड्रग कंट्रोलर व पुलिस शामिल रही। जिला ड्रग कंट्रोलर राकेश कुमार ने बताया कि स्टेट ड्रग कंट्रोलर मनमोहन तनेजा के पास गुप्त सूचना आई थी कि टोहाना के सपड़ा मोहल्ला में अराध्या प्रिंटिंग प्रेस की आड़ में नशे व गर्भपात की गोलियां बेचने व अवैध गर्भपात करने का धंधा चल रहा है। इसके बाद असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर निरूपन गोयल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि प्रेस के मालिक चंदन के व्हाट्सएप से कुछ दिल्ली व गुजरात के बिल मिले हैं, लेकिन उन बिलों पर लिखी दवाईयां यहां से बरामद नहीं हुई हैं। डीसीओ हिसार सुरेश चौधरी ने बताया कि जो बिल मिले हैं उन पर लिखी दवाइयों को बनाने वाली कंपनियों के मालिकों से पूछताछ की जाएगी जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सारे सामान को जब्त कर लिया गया है और इसे हिसार कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद ही प्रिंटिंग प्रेस संचालक के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी।